भीलवाड़ा में “शुद्ध आहार-मिलावट पर वार” अभियान के तहत तीन दिवसीय फूड लाइसेंस शिविर
भीलवाड़ा, । राज्य सरकार के “शुद्ध आहार-मिलावट पर वार अभियान” के तहत जिले के मांडल, गुलाबपुरा और करेडा में तीन दिवसीय फूड लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। 28 जनवरी को नीलकंठ महादेव मंदिर, मांडल बस स्टैंड, 29 जनवरी को सार्वजनिक धर्मशाला, पेंच एरिया, गुलाबपुरा और 30 जनवरी को पुराना हॉस्पिटल, बस स्टैंड, करेडा में प्रातः 11 बजे से शाम 4 बजे तक शिविर लगेंगे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि शिविर में किराना, मिठाई, होटल, डेयरी, रेस्टोरेंट, फास्ट फूड, ठेला, स्टॉल सहित सभी खाद्य कारोबारियों के ऑनलाइन आवेदन कर मौके पर ही फूड लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन जारी किए जाएंगे। उन्होंने व्यापारियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन करवाने की अपील की।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक कुमार यादव ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत सभी खाद्य कारोबारियों के लिए फूड लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और विक्रय से जुड़े सभी व्यापारी, निर्माता, दूध उत्पादक, थोक-फुटकर व्यापारी, फेरीवाले, केटरिंग, ट्रांसपोर्टर, मेडिकल स्टोर, स्वयं सहायता समूह, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज की कैंटीन, वेयरहाउस, मदिरा दुकानें, डेयरी, चाय-पान की दुकानें, फल-सब्जी और मांस-अंडा विक्रेता शिविर में आवेदन कर सकते हैं या विभाग की वेबसाइट foscos.fssai.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
आवश्यक दस्तावेजों में वार्षिक टर्नओवर 12 लाख रुपये से कम होने पर आधार कार्ड की प्रति और एक फोटो आवश्यक है, जबकि 12 लाख रुपये से अधिक टर्नओवर वाले व्यापारियों को आधार कार्ड, बिजली बिल, जीएसटी रजिस्ट्रेशन, निर्माण इकाई हेतु पानी की जांच रिपोर्ट, ब्लू प्रिंट और स्व-प्रमाणित घोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा।
शिविर का उद्देश्य व्यापारियों को जागरूक करना और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।
