राजस्थान विधानसभा में 22 मिनट तक गूंजी बंदरों की समस्या, शाहपुरा से उठी गंभीर चिंता

Update: 2026-02-24 06:14 GMT

जयपुर । राजस्थान विधानसभा में आमतौर पर पानी, बिजली, सड़क और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर लंबी बहस देखने को मिलती है, लेकिन सोमवार को सदन एक अलग ही विषय पर चर्चा का केंद्र बना। शून्यकाल के दौरान करीब बाइस मिनट तक बंदरों से उत्पन्न समस्या पर गंभीर मंथन हुआ।

शाहपुरा से विधायक मनीष यादव ने अपने क्षेत्र में बढ़ते बंदर आतंक का मुद्दा उठाते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि यह समस्या अब केवल आम जनजीवन तक सीमित नहीं रही, बल्कि किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी इसका गहरा असर पड़ रहा है।

विधायक ने बताया कि शाहपुरा क्षेत्र में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। बंदर न केवल लोगों पर हमले कर रहे हैं, बल्कि किसानों की खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में भय का माहौल है और कई परिवारों को पलायन तक करने की नौबत आ सकती है।

मनीष यादव ने सदन में यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2025 में शाहपुरा क्षेत्र में लगभग 4200 लोगों को रेबीज का टीका लगाया गया है। इनमें से करीब 90 प्रतिशत मामलों में टीकाकरण बंदरों के काटने के कारण किया गया। इस आंकड़े ने सदन का ध्यान गंभीरता से इस समस्या की ओर आकर्षित किया।

यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि सरकार समस्या से अवगत है और संबंधित विभागों के माध्यम से समाधान की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

सदन में हुई इस चर्चा ने स्पष्ट किया कि बंदरों की बढ़ती संख्या और उनके हमलों की घटनाएं अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं। सरकार से अब ठोस और त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।

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