
भीलवाड़ा। आटूण निवासी व हाल बापूनगर के रहने वाले जोशी पन्द्रह वर्षों से न्यूरो प्रॉलम की वजह से चलने-फिरने में परेशानी है। किडनी (नेफ्रोलॉजी) रोग से पीड़ित हैं। इसके बावजूद हिम्मत नहीं हारी, पढऩे की जिद की। ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (एआईबीई) परीक्षा दी और प्रथम प्रयास में पास कर ली। अब वे देश की किसी भी कोर्ट में प्रेक्टिस कर सकेंगे।
आटूण निवासी स्व.जमनलाल जोशी के इकसठ वर्षीय पुत्र बालमुकुंद कृषि उपज मंडी समिति भीलवाड़ा में पर्यवेक्षक पद से रिटायर हो चुके। इसके बाद एलएलबी प्रेक्टिस की ठानी। फिर शुरू हुई हौसलों की उड़ान। जोशी ने एमकॉम, एलएलबी, डीएलएल, बीजेएमसी, ग्रामीण विकास में स्नातकोत्तर डिप्लोमा व एक्सपोर्ट डोक्युमेंटशन आदि की पढ़ाई कर रखी थी। अब बार काउंसिल ऑफ इंडिया की एआईबीई परीक्षा भी पास कर ली। जोशी को बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा प्रेक्टिस सर्टिफिकेट (सीओपी) जारी किया जाएगा। इसके बाद उन्हें देश की किसी भी अदालत या न्यायाधिकरण में कानून की प्रेक्टिस करने का अधिकार मिल जाएगा। जोशी ने इस उपलब्धि का श्रेय पत्नी सुधा, बच्चों,परिजनों व साथियों द्वारा दिए हौंसले को बताया। साथ ही इसे अपने स्व.माता-पिता को समर्पित किया। गौरतलब है कि एआईबीई परीक्षा का ऑल इंडिया रिजल्ट महज 42 प्रतिशत रहा। परीक्षा में बैठे 58 फीसदी एडवोकेट पास नहीं हो पाए। भीलवाड़ा के भी कई वकील पास नहीं हुए।