भीलवाड़ा में अरावली पर्वतमाला और पारिस्थितिकी संतुलन पर विचार विलय का आयोजन

Update: 2026-01-27 09:20 GMT

भीलवाड़ा। स्वदेशी जागरण मंच भीलवाड़ा के तत्वावधान में अशोक नगर स्थित संघ कार्यालय में विचार विलय का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय अरावली पर्वतमाला का पारिस्थितिकी संतुलन में महत्व एवं आर्थिक विकास रहा। विषय की प्रस्तावना शिवचरण माथुर महाविद्यालय मांडलगढ़ के असिस्टेंट प्रोफेसर मनुराज पुरोहित ने प्रस्तुत की।

मुख्य वक्ता डॉ. राजकुमार चतुर्वेदी, पूर्व प्राचार्य माणिक्य लाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय एवं अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख स्वदेशी जागरण मंच ने बताया कि अरावली राजस्थान की जीवन रेखा है, जिसमें 3000 से अधिक प्राकृतिक पौधे और 67 खनिज उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि अरावली को बचाना हम सभी का दायित्व है। विकास होना चाहिए, लेकिन विध्वंस करके नहीं।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर बी. एस. जाट और प्रोफेसर सुरेश जाट ने भी विचार साझा किए। प्रोफेसर बी. एस. जाट ने कहा कि अरावली पर्वतमाला पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार 100 मीटर की ऊंचाई को समुद्र तल या धरातल से मापने की प्रक्रिया पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई।

रवि कोली ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अरावली भारत की जलविभाजक है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखते हुए ही सतत विकास संभव है और आर्थिक समृद्धि के नाम पर पर्वतमालाओं का दोहन नहीं होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इंसान को प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व में रहना चाहिए।

कार्यक्रम का संचालन विभाग विचार प्रमुख अजय कुमार दरड़ा ने किया। इस अवसर पर कार्यकर्ता सहायक आचार्य पद पर चयनित शुभम ओझा का स्वदेशी परिवार की ओर से स्वागत और अभिनंदन किया गया।

कार्यक्रम के अंत में जिला संयोजक त्रिलोक श्रोत्रिय ने स्वदेशी जागरण मंच की जिला कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए नए दायित्वों की घोषणा की। डॉ. अनुज नुवाल, श्याम डोलिया और शुभम ओझा को महानगर सहसंयोजक का दायित्व सौंपा गया। इस अवसर पर दिनेश शर्मा, महानगर संयोजक दिलीप मीणा, महावीर जांगीड सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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