अफीम की खेती पर 'तीसरी आंख' का पहरा: फसल बचाने के लिए किसानों ने लगाए सोलर सीसीटीवी कैमरे, जाल से ढकी फसल

Update: 2026-03-06 09:09 GMT

सवाईपुर (सांवर वैष्णव) । अब अफीम किसान भी अपनी फसल की निगरानी के लिए हाईटेक हो गए हैं। अफीम की खेती पर नजर रखने के लिए किसानों ने 'तीसरी आंख' यानी सीसीटीवी कैमरे लगा दिए हैं, जिससे वे घर बैठे भी खेतों की सुरक्षित निगरानी कर रहे हैं। फसल की सुरक्षा के लिए मजबूत तारबंदी की गई है, वहीं अफीम के डोडों को पक्षियों से बचाने के लिए फसल के ऊपर विशेष जाल लगाए जा रहे हैं। सवाईपुर सहित सोपुरा जाटों का, बड़ला, बनकाखेड़ा, सालरिया, डसाणिया का खेड़ा और खजीना आदि गांवों में नारकोटिक्स विभाग के निर्देश पर बड़े पैमाने पर अफीम की बुवाई होती है। इन दिनों अफीम की फसल यौवन पर है और डोडों पर चीरा लगाकर लुवाई का कार्य लगातार जारी है। अफीम को अपने बच्चों की तरह पालने वाले किसान दिन-रात इसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। आलम यह है कि किसान अपने सारे जरूरी काम छोड़कर खेतों की रखवाली में जुटे हैं। डोडे चोरी व नुकसान की आशंका के चलते किसान खेतों में झोपड़ियां बनाकर दिन-रात डेरा डाले हुए हैं और अंधेरी रातें भी जागते हुए कट रही हैं।

सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए किसानों ने हाईटेक व्यवस्था अपनाते हुए खेतों में सोलर सीसीटीवी कैमरे तक लगाए हैं। बड़ला गांव के अफीम काश्तकार बद्रीलाल तेली ने अपनी फसल की निगरानी के लिए ऐसा ही एक सोलर सीसीटीवी कैमरा लगाया है। बद्रीलाल तेली बताते हैं कि यह कैमरा उनके मोबाइल फोन से कनेक्टेड है। इसके चलते वे घर या कहीं से भी मोबाइल के जरिए फसल पर पल-पल की नजर रख सकते हैं। खेत में किसी पशु-पक्षी या अवांछित व्यक्ति के घुसने पर तुरंत कैमरे की मदद से जानकारी मिल जाती है। कैमरे में लगे इनबिल्ट स्पीकर की मदद से वे वहीं से आवाज देकर उन्हें भगा भी सकते हैं। उन्होंने बताया कि सोलर कैमरा लगाने में अधिक खर्च भी नहीं आता है और खेत की रखवाली बेहद आसान हो जाती है।

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