श्री कुंज’ में भागवत कथा शुरू, कलश यात्रा में गूंज उठा राधे-राधे

Update: 2026-01-08 07:50 GMT

भीलवाड़ा । जैसे ही गुरुवार सुबह की पहली धूप ग्रीन पार्क स्थित श्री कुंज पर पड़ी, वैसे ही वहां भक्ति, श्रद्धा और उल्लास की ऐसी लहर उठी कि पूरा इलाका कृष्णमय हो गया। ढोल-नगाड़ों की थाप, शंखध्वनि और राधे-राधे के जयकारों के बीच श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं की आंखों में आस्था और होठों पर भक्ति की मुस्कान साफ झलक रही थी। कथा का आगाज भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ, जो क्लब हाउस मंदिर, श्री वृंदावन विला सोसाइटी से प्रारंभ होकर गाजे-बाजे और भक्ति संगीत के साथ श्री कुंज ग्राउंड पहुंची। लाल चुनरी की साडय़िों में सजी मातृशक्ति सिर पर मंगल कलश धारण किए मंगल गीत गाती चल रही थी, तो वहीं श्वेत वस्त्रों में पुरुष श्रद्धालु भक्ति रंग में रंगे नजर आए। यात्रा के आरंभ में महिलाओं द्वारा किया गया नृत्य श्रद्धालुओं के उत्साह को और भी चरम पर ले गया। इसी बीच गांधीनगर निंबार्क आश्रम के महंत मोहनशरण शास्त्री (वृंदावन) बग्गी में सवार होकर कथा स्थल पहुंचे। उनके दर्शन मात्र से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और वातावरण पूरी तरह कृष्णमय हो गया।

पहले दिन भागवत माहात्म्य की अमृत वर्षा

कथा के प्रथम दिवस महंत मोहनशरण शास्त्री न भागवत माहात्म्य का अत्यंत प्रभावशाली और भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत केवल ग्रंथ नहीं, यह जीवन को ईश्वर से जोडऩे वाली अमृत धारा है। भागवत श्रवण से मन की मलिनता मिटती है, भक्ति जागृत होती है और जीवन की दिशा स्वत: सही हो जाती है। राजा परीक्षित और शुकदेव जी के प्रसंगों ने श्रोताओं को गहरे भाव में डुबो दिया।

व्यवस्थाएं भी बनीं आकर्षण का केंद्र

आयोजन प्रमुख शंभूदयाल सोनी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु भव्य डोम पांडाल तैयार किया गया है, जहां ठंड से बचाव के विशेष इंतजाम किए गए हैं। समिति के प्रहलाद, श्याम सुंदर, अक्षत सोनी ने बताया कि 10 से 12 जनवरी तक नानी बाई का मायरा गोवत्स शिव प्रकाश शास्त्री (बाबा धाम) करेंगे। भागवत कथा में मुख्य रूप से 12 जनवरी को कृष्ण जन्मोत्सव व नंदोत्सव, 13 जनवरी को गोवर्धन पूजा, छप्पन भोग,15 जनवरी को भंडारे के साथ कथा का समापन होगा।

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