बजट में भीलवाड़ा जिले को नहीं मिला कोई ठोस लाभ, बोले-रामलाल जाट

Update: 2026-02-11 11:39 GMT

भीलवाड़ा। डबल ईंजन सरकार द्वारा आज पेश किया गया नया बजट जिले के लिए निराशाजनक साबित हुआ है। बजट की समीक्षा के बाद यह साफ नजर आ रहा है कि भीलवाड़ा जिले के लिए धरातल पर कोई ठोस आवंटन नहीं किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बजट में केवल ताली बजाने के स्तर के प्रावधान किए गए हैं, जबकि जिले के वास्तविक विकास और जरूरतों पर ध्यान नहीं दिया गया है।

विशेषकर भीलवाड़ा के टेक्सटाइल उद्योग को मद्देनजर रखते हुए बिजली की दरों में कमी नहीं की गई है। यह कदम स्थानीय उद्योगों और रोजगार सृजन के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता था। इसके अलावा किसानों के लिए नए कनेक्शन देने, सिंचाई और अन्य कृषि सुविधाओं को बढ़ाने की कोई घोषणा नहीं की गई है। बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार सृजन की कोई ठोस योजना इस बजट में शामिल नहीं है।

मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना को भी बजट में बंद रखा गया है और उसे चालू नहीं किया गया है। यह योजना पहले से ही जिले में कई जरूरतमंद लोगों की मदद कर रही थी। ऐसे में जिले के नागरिक और कर्मचारी दोनों ही इस फैसले से निराश हैं।

कांग्रेस देहात जिलाध्यक्ष रामलाल जाट ने कहा कि कांग्रेस सरकार के बजट में भीलवाड़ा को हमेशा कुछ न कुछ मिलता रहा है। चाहे वह चंबल जैसी योजनाएं हों, टेक्सटाइल उद्योग के लिए सुविधाएं हों या किसानों के लिए लाभकारी योजनाएं, हमेशा जिले को लाभ मिलते रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहली बार निराशाजनक बजट पेश किया गया है, जिसमें भीलवाड़ा जिले को कोई ठोस लाभ नहीं मिला है।

रामलाल जाट ने आगे कहा कि इस बजट के जरिए केवल जनता पार्टी ने जिले में लूटमार मचाने का काम किया है। बजट में विकास योजनाओं का अभाव और स्थानीय जरूरतों को नजरअंदाज करना जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस बजट का घोर विरोध करती है और सरकार से जिले के विकास और लोगों के हित में कदम उठाने की मांग करती है।

उनका का कहना है कि जिले के लिए बजट में कोई ठोस प्रावधान न होना स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ा सकता है। टेक्सटाइल उद्योग, कृषि और बेरोजगारी जैसी समस्याओं के समाधान पर ध्यान न देने से जिले का आर्थिक विकास धीमा हो सकता है। ऐसे समय में जब अन्य जिलों को लाभ देने वाली योजनाएं लागू की जा रही हैं, भीलवाड़ा को नजरअंदाज करना चिंता का विषय है।

जनता और विपक्षी दलों के प्रतिनिधि इस बजट को पूरी तरह असंतोषजनक मान रहे हैं। वे सरकार से जिले के हितों की अनदेखी रोकने और आगामी बजट में भीलवाड़ा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

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