रेड़वास में विराट हिंदू सम्मेलन उमड़ा जनसैलाब, भगवा रंग का चढ़ा जोश, कलशयात्रा व झांकियां रही आकर्षण का केंद्र
सवाईपुर ( सांवर वैष्णव ):- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्ष समारोह पर आयोजित हो रहे कार्यक्रमों के तहत रविवार को रेड़वास मंडल केंद्र पर विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन हुआ । रेड़वास में तेजाजी मंदिर से प्रारंभ हुई शोभायात्रा में 7 गांवों से पहुंचे महिलाओं एवं ग्रामीण कलशयात्रा व शोभायात्रा के रुप में पहुंचे, कलशयात्रा व शोभायात्रा चलते हुए शिवालय पर पहुंची । शोभायात्रा के स्वागत में कस्बे वासियों ने पलक पांवड़े बिछा दिए । जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया । शोभायात्रा में प्रभातफेरी मंडली, भारत माता, राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान, झांसी की रानी, महाराणा प्रताप की संजीव झांकियां बनाई, जो आकृषण का केंद्र रही । जयकारों से कस्बे का वातावरण धर्ममय हो गया । संयोजक महावीर जाट ने बताया कि संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत रेड़वास मंडल में एक विशाल विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया । कार्यक्रम में रघुनाथपुरा, गोठड़ा, कानपुरिया, बिरमियास, बलिया खेड़ा व सबलपुरा गांवों से बड़ी संख्या में हिंदू सनातनी पहुंचे , जिससे आयोजन स्थल पर उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा । सभी गांवों से ग्रामीण कलश यात्रा के रूप में ढोल नगाड़ों पर गाते बजाते रेड़वास पहुंचे । महिलाओं व बच्चियों ने सिर पर कलश लिए कलशयात्रा में शामिल हुई, कलश यात्रा में करीब 500 महिला सिर पर कलश धारण कर एक साथ चली जिससे एक अलग ही नजारा देखने को मिला । रेड़वास में तेजाजी महाराज मंदिर से 12:15 बजे कलश यात्रा प्रारंभ हुई जो गांव के विभिन्न मार्गो से होते हुए गोठड़ा रोड़ स्थित शिवालय पर पहुंची । जहां धर्मसभा की शुरुआत भारत माता की तस्वीर को दीप प्रज्वलित कर की गई । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आकोला शिवालय महंत रामस्नेही दास जी महाराज व चित्तौड़ के सावा राघव गौशाला के राघव नाथ जी महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ संस्कार वान होना भी जरूरी है और कहा की आज के हिंदुस्तान को सोने की चिड़िया नहीं बल्कि आज के युवा सोने के शेर कहलायेंगे । महिला वक्ता मंजू कंवर राणावत ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिन्दू समाज में नारी को सदैव समानता का अधिकार प्राप्त रहा है । उन्होंने बताया कि प्राचीन काल से लेकर वर्तमान समय तक महिलाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण रही है और आज भी महिलाएँ समाज, शिक्षा, संस्कृति तथा राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं । अध्यक्षीय उद्बोधन में भंवर शर्मा ने कहा कि सम्पूर्ण हिन्दू समाज को संगठित होकर कार्य करने की आवश्यकता है । समाज की एकता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है, जिससे सभी प्रकार की चुनौतियों का सामना किया जा सकता है । मुख्य वक्ता घासी राम आसींद ने अपने संबोधन में कहा कि संगठित समाज ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण करता है । समाज को एकजुट होकर सभी बाधाओं का सामना करना होगा और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ना होगा । इस दौरान शीतल नाथ, लादू गिरी सहित अन्य संत भी मंच पर उपस्थित रहे । कार्यक्रम के अंत में समाज की एकता, संस्कार, एक संगत-एक पंगत और राष्ट्रभक्ति के संदेश के साथ सम्मेलन का समापन हुआ । इस दौरान विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी । तत्पश्चात उपस्थित सभी लोगों को प्रसाद वितरण किया गया ।।