सवाईपुर (सांवर वैष्णव):- सवाईपुर कस्बे सहित सोपुरा, सालरिया, बड़ला, ड़साणिया का खेड़ा, बनकाखेड़ा, खजीना, होलीरड़ा आदि कई गांवों में इन दिनों अफीम के पौधों पर डोडे बनने की प्रक्रिया चल रही है। अफीम काश्तकारों ने अफीम के खेत की मेड पर शुभ मुहूर्त में माताजी की स्थापना की, जिसे स्थानीय भाषा में नाणा पूजन कहा जाता है। काश्तकारों ने बताया कि अफीम के खेतों में डोडा पकने की प्रक्रिया के बीच आज पूजा-अर्चना कर माताजी की स्थापना की गई। अधिकांश काश्तकार रविवार को ही यह स्थापना करते हैं, क्योंकि इसे माताजी का शुभ और प्रिय दिन माना जाता है। खेत में डोडों पर चीरा लगाने जाने से पूर्व सुबह और शाम, दोनों समय माताजी की पूजा की जाती है। स्थापना के बाद ही पके हुए डोडों पर चीरा लगाने का कार्य शुरू होता है। काश्तकार भैरुलाल सेन और विष्णु जाट ने बताया कि आज विधि-विधान से 5 डोडों की पूजा कर स्थापना की गई; किसान अक्सर 5, 7 या 9 माताजी की स्थापना करते हैं। अफीम किसान संघर्ष समिति के प्रांत अध्यक्ष बद्रीलाल तेली ने बताया कि फसल लहरा रही है और शुभ मुहूर्त के अनुसार नाणा पूजन के साथ जल्द ही लुवाई-चिराई शुरू होगी।
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