मांडल। जल संसाधन विभाग की ओर से जल उपयोक्ता संगमों (डब्ल्यूयूए) एवं काश्तकारों के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन माण्डल तालाब परिसर में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जल प्रबंधन को सुदृढ़ करना, सिंचाई दक्षता बढ़ाना तथा किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना रहा।
संवाद के दौरान बांधों एवं नहरों की वर्तमान स्थिति, जल उपलब्धता और आगामी सिंचाई मौसम की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने प्रेशर आधारित उन्नत सिंचाई प्रणालियों के उपयोग पर जोर देते हुए बताया कि ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी तकनीकें जल संरक्षण के साथ उत्पादन बढ़ाने में सहायक हैं।
कृषि क्षेत्र में उन्नत तकनीकों के उपयोग एवं कम जल खपत वाली उन्नत किस्मों की खेती को अपनाने पर भी मार्गदर्शन दिया गया। इसके साथ ही सिंचाई शुल्क की समय पर वसूली को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर चर्चा हुई, ताकि जल संसाधनों का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम में कृषि उत्पादों की प्रणाली, प्रसंस्कृत उत्पादों की विपणन सुविधाओं तथा महिला कृषकों की प्रभावी भागीदारी बढ़ाने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। संवाद कार्यक्रम में किसानों ने अपनी समस्याएं और सुझाव रखे, जिनका समाधान करने का आश्वासन विभागीय अधिकारियों द्वारा दिया गया।