डिशवॉश लिक्विड: आपकी थाली में 'धीमा जहर', मुंबई के डॉक्टर ने बताया खतरनाक सच
भीलवाड़ा। हम रोजाना बड़े चाव से चमचमाती थालियों में खाना परोसते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस डिशवॉश लिक्विड से आप इन बर्तनों को साफ करते हैं, वही आपकी सेहत के लिए 'धीमा जहर' हो सकता है? मुंबई के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. मनन वोरा ने एक ऐसा सच उजागर किया है, जो हर गृहिणी और परिवार को सोचने पर मजबूर कर देगा।
सिंक के पास छिपी है बीमारी: डॉ. वोरा का 'डर्टी ट्रुथ'
डॉ. मनन वोरा ने हाल ही में 'डर्टी ट्रुथ' नाम से एक वीडियो शेयर कर सबको चौंका दिया है। उनके अनुसार, बाजार में बिकने वाले नामी ब्रांड्स के डिशवॉश लिक्विड में आइसोथियाजोलिनोन (Isothiazolinones) नामक एक खतरनाक केमिकल पाया जाता है। यह केमिकल एक सिंथेटिक प्रिजर्वेटिव है, जो लिक्विड को खराब होने से बचाता है। लेकिन इंसानी शरीर के लिए यह किसी दुश्मन से कम नहीं है। यह केमिकल एक तगड़ा स्किन सेंसिटाइजर है। अगर आप बिना ग्लव्स पहने बर्तन धो रहे हैं, तो यह आपकी त्वचा के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकता है। इससे हाथ फटना, खुजली होना, लाल निशान पड़ना और कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ सकता है, बच्चों के लिए बड़ा खतरा
डॉ. वोरा ने बताया कि कई बड़ी हेल्थ एजेंसियों की स्टडी में यह पाया गया है कि ये केमिकल्स हमारे एंडोक्राइन सिस्टम पर बुरा असर डालते हैं। इसका मतलब है कि यह आपके शरीर के नेचुरल हार्मोन्स के साथ छेड़छाड़ कर सकता है, जिससे थायराइड या प्रजनन संबंधी समस्याएं भी भविष्य में खड़ी हो सकती हैं।
सबसे बड़ा खतरा उन मासूम बच्चों के लिए है जो घर में रहते हैं। डॉक्टर ने बताया कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां बच्चों ने गलती से इस लिक्विड को मुंह में डाल लिया, जिससे उनके शरीर के अंदरूनी नाजुक अंगों में घाव हो गए।
धोने के बाद भी रहता है असर: गरम खाने में मिलकर पहुंचता है पेट में
हम सोचते हैं कि पानी से धोने के बाद बर्तन साफ हो गए, लेकिन डॉ. वोरा के अनुसार, डिशवॉश लिक्विड की एक बहुत ही बारीक और अदृश्य परत बर्तनों की पर रह जाती है। जब हम उस प्लेट में गरम खाना डालते हैं, तो वो केमिकल खाने में मिलकर सीधे हमारे पेट में पहुंच जाता है। यह जहर की छोटी-छोटी खुराक रोजाना हमारे अंदर जा रही है।
अपनाएं ये देसी उपाय: सुरक्षित तरीके से चमकाएं बर्तन
प्लांट-बेस्ड क्लीनर: आजकल बाजार में ऐसे क्लीनर मिलते हैं जो पूरी तरह पौधों के अर्क (Plant-based Surfactants) से बने होते हैं। इनमें कोई कठोर केमिकल नहीं होता।
कुदरती एंजाइम्स: ऐसे प्रोडक्ट्स चुनें जिनमें कुदरती एंजाइम्स हों। ये तेल और मसाले की जिद्दी परत को बिना किसी नुकसान के काट देते हैं।
पुराने तरीके: हमारे बुजुर्ग राख या नींबू से बर्तन साफ करते थे। आज के दौर में आप बायो-एंजाइम या घर पर बने नींबू-विनेगर के मिश्रण का इस्तेमाल कर सकते हैं।
अच्छी तरह धोएं: बर्तनों को बहते हुए पानी के नीचे कम से कम 2 से 3 बार अच्छे से साफ करें।
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