आकोला बनास नदी में नियम विरुद्ध बजरी खनन करने पर विवाद ग्रामीणों ने डम्पर रूकवाए, रोजगार की मांग की

By :  vijay
Update: 2025-10-03 14:25 GMT

सवाईपुर ( सांवर वैष्णव ):- सवाईपुर क्षेत्र के आकोला कस्बे के निकट बहने वाली मेवाड़ की गंगा कहे जाने वाली बनास नदी में बजरी की लीज शुरू हो गई । जिसमें बजरी लीज धारक द्वारा मशीनों से बजरी निकालने पर ग्रामीणों एवं बजरी खनन से जुड़े लोगों ने विरोध जताया । ग्रामीणों ने बजरी लीज धारक की मनमानी के खिलाफ आक्रोशित होकर डम्पर रुकवा लिए ओर नियमानुसार खनन करने एवं स्थानीय लोगो को रोजगार देने की मांग की । शुक्रवार को ग्रामीण चांदगढ़ देवनारायण मंदिर पर चांदगढ़, आकोला, जीवा का खेडा, दोवनी, खजीना, होलीरड़ा, गेगा का खेड़ा, बड़लियास आदि गांवों के ग्रामीण एकत्रित हुए। बड़लियास थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि आकोला में बजरी लीज धारक महादेव एन्क्लेव प्राइवेट लिमिटेड है जो लीजधारक व इनके कर्मचारियों द्वारा जेसीबी मशीनी व L.N.T मशीनों द्वारा लीज क्षेत्र में बिना सीमा ज्ञान किये पानी को अवरूद्ध कर व बाहर से पत्थर लाकर डाल रहे है । जबकि सिविल पिटेशन की पालना कि माइनिंग व लीज धारक उच्च न्यायालय जयपुर की पिटेशन की अवहेलना के संबध में बनास व कोठारी नदी में L N T व जेसीबी मशीनों पर सख्त प्रतिबंध है । उसके बावजूद भी लीजधारक LNT चलाकर बहते पानी को अवरुद्ध कर रहे है तथा मशीनो से प्रतिबंधित है। इसके अलावा भी चांदगढ़ में चारागाह भूमि में वाहन जगह-जगह कई रास्ते बनवा दिये । जिससे चारागाह में सारी घास खराब हो गई । जिससे आवारा पशु भुखमरी की कगार पर है । चारागाह भूमि में रास्ते को बन्द करवाने व नियमानुसार रॉयल्टी राशि निर्धारित दर पर करवाने एवं स्थानीय लोगो को रोजगार देने की मांग की वही तनाव की स्थिति को देखते हुए बड़लियास थाना प्रभारी देवराज सिंह मय जाप्ता मौके पर तैनात रहे ।

Tags:    

Similar News