चंद्र ग्रहण के चलते दिन भर बंद रहे मंदिरों के पट, शाम को शुद्धिकरण के बाद हुए दर्शन
भीलवाड़ा | खगोलीय घटना चंद्र ग्रहण का असर आज वस्त्र नगरी भीलवाड़ा के धार्मिक स्थलों पर साफ दिखाई दिया। ग्रहण के सूतक काल के चलते शहर के प्रमुख मंदिरों के पट दिन भर बंद रहे, जिससे नियमित सेवा-पूजा और आमजन के लिए दर्शन व्यवस्था स्थगित रही।
भीलवाड़ा में केवल 2 मिनट रहा ग्रहण का प्रभाव
मंदिर के पुजारी आशुतोष शर्मा ने जानकारी दी कि भीलवाड़ा जिले में चंद्र ग्रहण का प्रभाव काफी अल्पकालिक रहा। ग्रहण का आगमन शाम 6:46 बजे हुआ और मात्र 2 मिनट बाद यानी 6:48 बजे मोक्ष हो गया। हालांकि, ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले ही शुरू हो जाने के कारण शास्त्रों के अनुसार देव प्रतिमाओं का स्पर्श और पूजन वर्जित कर दिया गया था। इसी मर्यादा के चलते अलसुबह मंगला आरती जल्दी संपन्न कर पट मंगल कर दिए गए थे।
गंगाजल स्नान और नए वस्त्रों के साथ हुई शुद्धि
शाम 6:48 बजे ग्रहण के मोक्ष (समाप्ति) के बाद मंदिरों में शुद्धिकरण की प्रक्रिया शुरू हुई। पुजारियों द्वारा संपूर्ण मंदिर परिसर की साफ-सफाई की गई और भगवान की प्रतिमाओं को पवित्र गंगाजल से स्नान कराया गया। शुद्धिकरण के पश्चात प्रतिमाओं को नए वस्त्र और आभूषण धारण करवाए गए।
आरती के साथ खुले पट, उमड़े श्रद्धालु
मंदिरों में पुष्प और नैवेद्य अर्पण करने के बाद शाम करीब 7:00 बजे हनुमान जी सहित सभी देवी-देवताओं की विशेष आरती की गई। आरती के शंखनाद के साथ ही जैसे ही मंदिरों के पट खुले, दर्शनों की प्रतीक्षा कर रहे श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचने लगे। भक्तों ने पूरी श्रद्धा भाव के साथ भगवान के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया।