भीलवाड़ा में गणगौर की धूम: ईसर-गौरा की सवारी ने मोहा मन, गूंजे लोकगीत
भीलवाड़ा। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में आज चैत्र शुक्ल तृतीया के अवसर पर गणगौर का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। शहर से लेकर गांवों तक सुबह से ही सुहागिन महिलाओं और कुंवारी कन्याओं में भारी उत्साह देखा गया। रंग-बिरंगी पोशाकों में सजी महिलाओं ने ईसर-गौरा का पूजन कर परिवार की खुशहाली और अखंड सौभाग्य की कामना की।
भक्ति और उल्लास का संगम
शहर के विभिन्न मोहल्लों और सामुदायिक केंद्रों पर गणगौर माता की विशेष पूजा-अर्चना की गई। महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीत "खेले गणगौर माता खेले..." और "पूजण द्यो गणगौर..." गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। सोलह श्रृंगार किए महिलाओं ने दूब और फूलों से माता की पूजा की और विशेष पकवानों का भोग लगाया।
शाही लवाजमे के साथ निकली सवारी
शाम को शहर के प्रमुख मार्गों से ईसर-गौरा की भव्य सवारी निकाली गई। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजे के साथ निकली इस सवारी को देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर जनसैलाब उमड़ पड़ा।