कड़ाके की ठंड में सतर्कता ही सुरक्षा, शीतलहर से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

Update: 2026-01-02 10:38 GMT

 

भीलवाड़ा,  । जिले में जारी शीतलहर के बीच स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामकेश गुर्जर ने कहा कि ठंड के इस मौसम में जरा-सी लापरवाही गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों, पहले से बीमार व्यक्तियों एवं गर्भवती महिलाओं को शीतलहर से बचाना अत्यंत आवश्यक है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गुर्जर ने बताया कि वर्तमान मौसम में सर्दी, खांसी, जुकाम व बुखार जैसे संक्रमण तेजी से फैलते हैं। ऐसे में नियमित रूप से गर्म कपड़े पहनना, शरीर को पूरी तरह ढककर रखना एवं अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना जरूरी है। कई बार दिन में हल्की धूप के कारण लोग गर्म कपड़े पहनना बंद कर देते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

डिप्टी सीएमएचओ डॉ. प्रवीण झरवाल ने बताया कि मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। जिले के समस्त चिकित्सालयों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों पर मौसमी बीमारियों की जांच, उपचार एवं आवश्यक दवाइयों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। साथ ही जिला, ब्लॉक एवं पीएचसी स्तर पर आयोजित बैठकों में चिकित्सा अधिकारियों, नर्सिंग स्टाफ एवं आशा कार्यकर्ताओं को शीतलहर से बचाव संबंधी जानकारी आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

एपिडिमियोलॉजिस्ट डॉ. सुरेश चौधरी ने बताया कि खांसी-जुकाम या बुखार के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं इलाज न करें, बल्कि तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर जांच कराएं और चिकित्सक से उपचार लेवे। नियमित रूप से हाथ धोने, साफ-सफाई रखने और पौष्टिक भोजन लेने से संक्रमण से बचा जा सकता है। आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना को देखते हुए सभी को विशेष एहतियात बरतनी चाहिए।

शीतलहर के प्रमुख लक्षण-

शीतलहर से प्रभावित व्यक्ति में शरीर का अत्यधिक ठंडा पड़ जाना, हाथ-पैर सुन्न हो जाना, नाड़ी की गति धीमी होना, रोएं खड़े हो जाना एवं सांस तेज चलना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। समय पर उपचार नहीं मिलने पर स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।

शीतलहर से बचाव के लिए आवश्यक उपाय-

दिन के समय ही बाहर निकलें, अनावश्यक रात्रि में बाहर जाने से बचें।

बच्चों व बुजुर्गों को ऊनी कपड़ों से पूरी तरह ढककर रखें।

खुले में रहने वाले जरूरतमंद लोग रैन बसेरा या सुरक्षित स्थानों पर रात्रि विश्राम करें, आमजन सहयोग करें।

अलाव, अंगीठी या हीटर का उपयोग सावधानीपूर्वक करें, सोते समय इन्हें बंद रखें।

कमरे में ताजा हवा के लिए वेंटिलेशन बनाए रखें।

गर्म व सुपाच्य भोजन करें, गुड़, तिल, चाय, कॉफी जैसे गर्म पदार्थों का सेवन करें।

हल्का व्यायाम एवं तेल मालिश लाभकारी है।

शीतलहर से प्रभावित व्यक्ति को तुरंत कंबल से ढकें, गर्म पानी की थैली से सेक दें और चिकित्सालय ले जाएं।

स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि शीतलहर को गंभीरता से लें, स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।

Similar News