भारत और हिन्दू एक-दूसरे के पर्याय है-प्रांत सह सेवा प्रमुख
भीलवाड़ा, । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भीलवाड़ा महानगर के केसरी सिंह बारहठ नगर द्वारा संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में वरिष्ठ नागरिक भवन में ‘प्रमुख जन गोष्ठी’ का आयोजन किया गया।
मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सह सेवा प्रमुख श्री नरेंद्र जी ने कहा कि भारत से प्रेम करने वाला और अपनी भारतीय पहचान पर गर्व करने वाला हर व्यक्ति हिन्दू है, चाहे उसकी उपासना-पद्धति कोई भी क्यों न हो। हिन्दू शब्द केवल एक धार्मिक परिभाषा नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की सांस्कृतिक निरंतरता से निर्मित एक सभ्यतागत पहचान है। संघ स्थापना के समय ही डॉ हेडगेवार जी ने घोषणा कर दी कि भारत हिन्दू राष्ट्र है, क्योंकि उसकी सभ्यतागत आत्मा स्वयं इसे अभिव्यक्त करती है। “भारत और हिन्दू एक-दूसरे के पर्याय है।”
संघ की मूल दर्शन-व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि संघ की स्थापना किसी का विरोध या नुकसान करने के लिए नहीं हुई, बल्कि व्यक्ति-निर्माण और भारत को विश्वगुरु बनाने की दिशा में समाज को संगठित करने के लिए हुई। उन्होंने आग्रह किया कि संघ को समझने के लिए शाखा में जाएँ, न कि पूर्वाग्रहों के आधार पर अपनी राय बनाएँ। भारत को एक सूत्र में पिरोने की कार्यपद्धति ही संघ है।
उन्होंने पंच परिवर्तन - सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य, स्वबोध और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कुटुंब प्रबोधन की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए कहा कि हर भारतीय परिवार को अपने पूर्वजों की कहानियाँ याद रखनी चाहिए, और नई पीढ़ी में सामाजिक व राष्ट्रीय उत्तरदायित्व की भावना जगानी चाहिए।
जनसांख्यिकीय चुनौतियों व सांस्कृतिक संरक्षण पर मुख्य वक्ता ने कहा कि आत्मविश्वास, सजगता और अपनी भूमि व पहचान के प्रति दृढ़ निष्ठा होनी चाहिए। उन्होंने अवैध घुसपैठ, संतुलित जनसंख्या-नीति की आवश्यकता और विभाजनकारी धार्मिक परिवर्तन के प्रयासों के प्रति सतर्क रहने की बात कही। युवाओं में सोशल मीडिया के विवेकपूर्ण उपयोग पर भी बल दिया।
मंच पर महानगर संघचालक कैलाश खोईवाल भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्वयंसेवक, प्रबुद्धजन, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, विभिन्न व्यवसायों से जुड़े लोग तथा समाज के विविध वर्गों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत आमंत्रित अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। तत्पश्चात मंचासीन अतिथियों ने भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और सामूहिक राष्ट्र गीत वंदे मातरम् का गान किया गया। मंचासीन अतिथियों का औपचारिक परिचय एवं स्वागत किया गया।
