कोटड़ी श्याम का 'शिव-कवच': चार दिशाओं में चार शिवालय करते हैं ठाकुर जी की रक्षा,गूंजेंगे हर-हर महादेव के जयकारे

Update: 2026-02-15 08:30 GMT


(आकोला रमेश चंद्र डाड)कोटड़ी | मेवाड़ के प्रसिद्ध आस्था केंद्र श्री चारभुजा नाथ मंदिर (कोटड़ी) में महाशिवरात्रि का पर्व को लेकर हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। विशेष बात यह है कि ठाकुर जी का यह दरबार चारों दिशाओं से भगवान भोलेनाथ के पहरे में है। यहाँ चार दिशाओं में स्थित चार प्राचीन शिवालय एक अभेद्य 'शिव-कवच' बनाते हैं, जहाँ विशेष आयोजनों की धूम रहेगी।

​ट्रस्ट अध्यक्ष बोले: चारों पहर होगा अभिषेक, निकलेगी शोभायात्रा

​श्री चारभुजा मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष सुदर्शन गाड़ोदिया ने बताया कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मंदिर परिसर के चारों ओर स्थित शिवालयों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान होंगे। गाड़ोदिया के अनुसार, अलग-अलग विद्वान पंडितों द्वारा चारों पहर के विशेष अभिषेक संपन्न करवाए जाएंगे। सुबह भगवान भोलेनाथ के विशेष भोग लगाया जाएगा। इसी कड़ी में दिन में भीमाशंकर महादेव, सर्वेश्वर महादेव और नीलेश्वर महादेव की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।"

​इन चार रक्षकों के घेरे में हैं कोटड़ी श्याम

​उत्तर: भीमाशंकर महादेव (प्राचीन रक्षक): मुख्य द्वार के समक्ष स्थित यह मंदिर ज़मीन से 4 फीट गहरा है। गोपाल छिपा बताते हैं कि यह चारभुजा मंदिर की स्थापना के समय का है और सावन में यहाँ नाग के दर्शन शुभ माने जाते हैं।

​पूर्व: सर्वेश्वर महादेव (स्वर्ण आभा): ठाकुर जी के ठीक सामने स्थित इस मंदिर का पुनरुद्धार स्व. महंत राजारामदास जी की प्रेरणा से हुआ। हरिशंकर जाट के अनुसार, वर्ष 2022 में यहाँ स्वर्ण कलश स्थापित किया गया था।

​दक्षिण: नीलेश्वर महादेव (जल स्वरूप): मिनी पुष्कर तालाब के मध्य स्थित इस मंदिर का जीर्णोद्धार 30 अप्रैल 2018 को महंत लक्ष्मण दास जी महाराज के सानिध्य में हुआ। श्याम पुरोहित व घनश्याम काबरा ने इसे क्षेत्र की बड़ी आस्था बताया।

​पश्चिम: मंगलेश्वर महादेव (अक्षय धरोहर): मंदिर के पीछे स्थित यह शिवालय 200 वर्षों से अधिक पुराना है। शांतिलाल टेलर के अनुसार, यह आज भी अपने मूल और प्राचीन स्वरूप में सुरक्षित है।

​हरि-हर के मिलन का साक्षी बनेगा कोटड़ी

​मान्यता है कि चारभुजा नाथ (विष्णु) के दर्शन तब तक पूरे नहीं होते, जब तक उनके रक्षक महादेव के दर्शन न कर लिए जाएं। महाशिवरात्रि पर पूरा कोटड़ी कस्बा शिवमय नजर आ रहा है। सुबह से ही जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।

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