श्री भीत के बालाजी मंदिर में हर्षोल्लास के साथ हुई महाआरती एवं विशाल भंडारा आयोजित
भीलवाड़ा । श्री भीत के बालाजी नवयुवक मंडल एवं समस्त भक्तजनों द्वारा जन-जन की आस्था के केंद्र माता अंजनी के लाडले वीर हनुमानजी महाराज के जन्मोत्सव के तहत मंगला चौक स्थित श्री भीत के बालाजी मंदिर परिसर में रविवार, 5 अप्रैल 2026 को महाआरती एवं विशाल भंडारे का आयोजन बड़े ही हर्षाेल्लास और श्रद्धा के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10.15 बजे हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। भगवान श्रीराम के प्रिय भक्त एवं माता अंजनी के लाल बालाजी महाराज की विशेष सजावट की गई, मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की आकर्षक सजावट और भक्ति संगीत से सुसज्जित किया गया था। जिससे मंदिर की छटा देखते ही बन रही थी। महाआरती के समय श्रद्धालुओं ने एक स्वर में भजन-कीर्तन करते हुए वातावरण को भक्ति रस से भर दिया। वातावरण में जय श्री राम और जय बजरंगबली के जयघोष लगातार गूंज रहे थे, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। महाआरती के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। आयोजन की व्यवस्था श्री भीत के बालाजी नवयुवक मंडल एवं समस्त भक्तजनों द्वारा अत्यंत सुव्यवस्थित एवं सराहनीय रही। क्षेत्रीय युवाओं के साथ ही महिला शक्ति ने श्रमदान कर भंडारे में विशेष योगदान दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन, सेवा भाव और आपसी सहयोग का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला। स्थानीय नागरिकों ने भी आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसे समाज में एकता एवं धार्मिक भावना को मजबूत करने वाला बताया। श्री भीत के बालाजी नवयुवक मंडल के कार्यकर्ताओं ने बताया कि हनुमान जन्मोत्सव को लेकर 13 वर्षों से क्षेत्र के निवासियों व भक्तों के साथ मिलकर नवयुवक मंडल द्वारा भजन संध्या, भोजन प्रसादी सहित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। आयोजन समिति श्री भीत के बालाजी नवयुवक मंडल के सदस्यों ने बताया कि इस बार का आयोजन पहले से अधिक भव्य और व्यवस्थित रूप में किया गया, जिसमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग के लोग इस आयोजन का हिस्सा बने और सभी ने इसे एक यादगार अनुभव बताया। सैकड़ों स्वयंसेवकों ने मिलकर प्रसादी वितरण का कार्य संभाला और हजारों लोगों ने प्रेमपूर्वक प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में साफ-सफाई और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए थे। समापन अवसर पर आयोजन समिति द्वारा सभी सहयोगियों, भक्तजनों और प्रशासन का आभार व्यक्त किया गया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजनों को और अधिक भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा। इस प्रकार, श्री बालाजी जन्मोत्सव का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बनकर उभरा।