भीलवाड़ा में न्याय का महाकुंभ: 2.22 लाख मामलों का रिकॉर्ड निपटारा, 22.67 करोड़ की मिली राहत
भीलवाड़ा। सालों पुराने मुकदमों के बोझ तले दबे हजारों परिवारों के लिए शनिवार का दिन 'न्याय की सौगात' लेकर आया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला मुख्यालय व ताल्लुका स्तर पर आयोजित वर्ष 2026 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत ने भीलवाड़ा में रिकॉर्ड सफलता हासिल की है। 'सुलह से सफलता' के मंत्र के साथ आयोजित इस महा-अभियान में एक ही दिन में 2,22,615 प्रकरणों का मौके पर ही राजीनामा के जरिए स्थाई निस्तारण किया गया।
आंकड़ों की जुबानी: ऐतिहासिक सफलता
न्यायालयों में मुकदमों के बोझ को कम करने और आमजन को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में यह लोक अदालत मील का पत्थर साबित हुई है:
प्री-लिटिगेशन (मुकदमा पूर्व): अदालती चक्कर शुरू होने से पहले ही रिकॉर्ड 2,08,751 मामलों को आपसी समझाइश से खत्म कर दिया गया।
लंबित प्रकरण: अदालतों में वर्षों से चल रहे 13,864 मुकदमों में राजीनामा कराकर उन्हें हमेशा के लिए समाप्त किया गया।
राहत राशि: इस ऐतिहासिक लोक अदालत में कुल मिलाकर ₹22,67,22,742/- (22 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक) की भारी-भरकम राशि के अवार्ड पारित कर पक्षकारों को बड़ी आर्थिक राहत प्रदान की गई।
इन मामलों में मिली सबसे बड़ी राहत:
जिला एवं सेशन न्यायाधीश (अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) अभय जैन के कुशल निर्देशन और सचिव (अपर जिला न्यायाधीश) विशाल भार्गव के संयोजन में गठित जिले की 19 बेंचों ने चमत्कारिक काम किया। लोक अदालत में विशेष रूप से इन क्षेत्रों में आमजन को त्वरित राहत मिली:
बिजली विभाग: बिजली बिलों से जुड़े विवादों में नियमानुसार भारी छूट देकर मौके पर ही समझौते कराए गए।
बैंक रिकवरी: एसबीआई (SBI), बीओबी (BOB) सहित विभिन्न बैंकों की रिकवरी मामलों में मूल राशि से भी कम पर समझौता कराकर कर्जदारों को राहत दी गई।
संचार व उपभोक्ता: बीएसएनएल (BSNL) और उपभोक्ता मामलों में भी आपसी सहमति से विवादों का अंत किया गया।
अन्य मामले: पारिवारिक विवाद, दीवानी मामले, एमएसीटी (दुर्घटना दावा), चेक बाउंस और श्रम मामलों में भी बड़ी संख्या में राजीनामे हुए।
सचिव विशाल भार्गव का संदेश:
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विशाल भार्गव ने इस अपार सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा, "बिना खर्चे, बिना वकील और बिना किसी मानसिक तनाव के त्वरित न्याय उपलब्ध कराना ही लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य है। आज 22 करोड़ रुपये से अधिक की राहत राशि के साथ पक्षकारों के चेहरों पर लौटी मुस्कान ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। लोक अदालत के फैसले के विरुद्ध कोई अपील नहीं होती, जिससे दोनों पक्षों के बीच भाईचारा बना रहता है।"
टीम वर्क से मिली सफलता:
इस महा-अभियान को सफल बनाने में जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, भीलवाड़ा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष उम्मेद सिंह राठौड़, वरिष्ठ अधिवक्ताओं, न्यायिक कर्मचारी, पैरा लीगल वॉलिंटियर्स और बैंक व विद्युत विभाग के अधिकारियों ने साझा प्रयासों से सराहनीय भूमिका निभाई। राजीनामे के बाद कई पक्षकारों ने एक-दूसरे को माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर वर्षों पुरानी रंजिश को भुला दिया।
