विधायक कोठारी ने उठाई चिकित्सकों की आवाज: आयुर्वेद, यूनानी व होम्योपैथी विसंगतियों पर सरकार से मांगा जवाब

Update: 2026-03-25 11:34 GMT

भीलवाड़ा । भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने आयुर्वेद, यूनानी एवं होम्योपैथी चिकित्सकों के हितों को लेकर विधानसभा में सरकार को घेरा है। उन्होंने इन विधाओं के चिकित्सकों से जुड़े लंबित और जटिल मामलों में विभागीय स्पष्टता लाने के लिए राज्य सरकार से विस्तृत जानकारी की मांग की है।

विधायक कोठारी ने प्रमुखता से बताया कि चिकित्सकों को मिलने वाले एसीपी (ACP) परिलाभ, नियुक्ति व नियमितीकरण की तिथियों में अंतर और पेंशन निर्धारण में भारी विसंगतियां सामने आ रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से वर्ष 2009 के एसीपी लाभ, 1996 की अधिसूचना के आधार पर हुए नियमितीकरण और 2015 के आदेशों के क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए लाभान्वित चिकित्सकों की सूची मांगी है।

भेदभाव और कानूनी अड़चनों पर सवाल

कोठारी ने सदन का ध्यान इस ओर भी खींचा कि समान अवधि में कार्यरत आयुर्वेद और यूनानी/होम्योपैथी चिकित्सकों के साथ अलग-अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है? उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद होने वाले रिफिक्सेशन, रिकवरी आदेशों और पेंशन आक्षेपों पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके अलावा, न्यायालय के निर्णयों की पालना में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जिन मामलों में विभाग ने "नो अपील" का निर्णय लिया है, उनका लाभ तुरंत मिलना चाहिए।

भर्ती प्रक्रिया की वैधानिकता पर संशय

विधायक ने राजपत्रित पदों पर भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी तकनीकी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब सेवा नियमों के तहत आरपीएससी (RPSC) के माध्यम से भर्ती का प्रावधान है, तो समिति के जरिए की गई नियुक्तियों की वैधानिक स्थिति क्या है? कोठारी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल तथ्यों को सामने लाना है ताकि चिकित्सकों को न्याय मिल सके और विभागीय विसंगतियां दूर हों।

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