भक्ति के सागर में डूबा रामधाम: उल्लास के साथ मना प्रभु श्री राम का प्राकट्य उत्सव

Update: 2026-03-26 11:33 GMT

भीलवाड़ा । "भये प्रगट कृपाला, दीनदयाला..." के मंगल उद्घोष और शंखध्वनि के बीच हमीरगढ़ रोड स्थित श्री रामधाम रामायण मंडल ट्रस्ट में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। 71वें श्रीरामचरितमानस नवाह्न पारायण महायज्ञ के पावन अवसर पर समूचा परिसर अयोध्यापुरी के समान दिव्य आभा से सराबोर नजर आया।

भक्तों की श्रद्धा: सजी आरती की थालियाँ

जन्मोत्सव का मुख्य आकर्षण भक्तों का अनन्य प्रेम रहा। दोपहर 12:15 बजे जैसे ही प्रभु का प्राकट्य हुआ, रामधाम का कोना-कोना जय श्री राम के नारों से गूंज उठा। इस अलौकिक पल के साक्षी बनने के लिए श्रद्धालु अपने घरों से सुसज्जित आरती की थालियाँ सजाकर लाए थे। जलते दीपों और पुष्पों से सजी इन थालियों की लौ में भक्तों की अटूट आस्था झलक रही थी। सामूहिक महाआरती के समय जब सैकड़ों दीप एक साथ झिलमिलाए, तो दृश्य अत्यंत मनोहारी और भावविभोर करने वाला था।

पीत आभा और छप्पन भोग

महोत्सव के दौरान पूरा वातावरण 'पीत आभा' में रंगा रहा। पीले वस्त्र धारण किए 150 से अधिक श्रद्धालुओं ने सस्वर मानस पाठ कर वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया। व्यास पीठ से घनश्याम उपाध्याय (माण्डल) की अमृतवाणी ने भक्तों को रामकथा के मर्म से जोड़ा। सायंकाल प्रभु को छप्पन भोग का भव्य अंकूट अर्पित किया गया। छप्पन प्रकार के व्यंजनों के साथ सजी भगवान की मनोहारी झांकी के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। ट्रस्ट के सचिव अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए की गई सुगम व्यवस्थाओं के चलते सभी ने सहजता से दर्शनों का लाभ प्राप्त किया।

पूर्णाहुति के साथ होगा विश्राम

नौ दिवसीय इस भक्ति अनुष्ठान का विधिवत समापन 27 मार्च को प्रातः 10:00 बजे आचार्य पं. रामू शर्मा के सानिध्य में भव्य पूर्णाहुति के साथ होगा। ट्रस्ट ने सभी श्रद्धालुओं का इस सफल आयोजन हेतु आभार व्यक्त किया है।

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