आंगनबाड़ी केंद्रों पर नहीं म‍िल रहे है सैनिटरी पैड

Update: 2026-01-31 09:10 GMT

भीलवाड़ा। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को सभी स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियों को मुफ्त सैनिटरी पैड देने के आदेश दिए हैं। प्रदेश में पहले से ही महिला अधिकारिता विभाग की काली बाई भील उड़ान योजना लागू है, पर लगभग डेढ़ साल से स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर सैनिटरी पैड नहीं पहुंचे हैं।

इस वजह से भीलवाड़ा जिले की लाखों महिलाएं और किशोरियां सैनिटरी पैड से वंचित हैं। आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं और किशोरियों को मजबूरन कपड़े का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य और स्वच्छता को खतरा बना हुआ है।

तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार ने वर्ष 2021 में उड़ान योजना शुरू की थी। इसके तहत 11 से 45 वर्ष तक की महिलाओं और किशोरियों को हर तीन महीने के अंतराल में प्रति माह दो पैकेट सैनिटरी पैड मुफ्त दिए जाते थे। तब हर साल लगभग 290 करोड़ रुपए का बजट रखा गया था।

2023 में राज्य सरकार बदलने के बाद भाजपा सरकार ने योजना का नाम बदलकर काली बाई भील उड़ान योजना कर दिया। सैनिटरी पैड की आपूर्ति मुख्यालय स्तर से होती थी, लेकिन जुलाई 2024 से आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में पैड आना बंद हो गए। नतीजा यह हुआ कि तब से अब तक किसी भी महिला या किशोरी को फ्री सैनिटरी पैड नहीं मिले हैं।

आज भी बेटियों को फ्री सैनिटरी पैड का इंतजार है। महिलाएं और किशोरियां आंगनबाड़ी केंद्र पर जाकर पैड मांगती हैं, लेकिन कार्यकर्ताओं के पास यही जवाब होता है कि आगे से पैड नहीं आ रहे हैं।

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