सिद्धचक्र विधान: 250 अर्घ्य समर्पित, जयकारों से गूँजा आर के कॉलोनी मंदिर
भीलवाड़ा | आर के कॉलोनी स्थित श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में आयोजित श्रीसिद्ध चक्र मण्डल विधान पूजन के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धा और आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। पण्डित जयकुमार के सानिध्य में चल रहे इस धार्मिक अनुष्ठान में आज नन्हें बालक की भक्ति ने सभी का दिल जीत लिया।
भजनों की स्वर लहरियों के बीच हुआ अभिषेक
“झलक-झलक झलके रे कलशिया, प्रभु जी का न्वहन करो रे कलशिया” जैसे मधुर भजनों के बीच नौ वर्षीय बालक रागांश सेठी ने आदिनाथ भगवान का प्रथम अभिषेक किया। मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच हुए इस अभिषेक ने पूरे वातावरण को धर्ममय बना दिया। विधान पूजन में सातवें वलय के अंतर्गत पंच महाव्रत और आचार्य परमेष्ठी से सिद्धत्व प्राप्ति तक के 250 अर्घ्य भक्तिभाव के साथ समर्पित किए गए।
लघु नाटिका ने किया भावविभोर
संयोजक मिश्रीलाल अग्रवाल ने बताया कि इस अवसर पर श्रीपाल-मैना सुन्दरी की कथा पर आधारित एक लघु नाटिका का मंचन किया गया। नाटिका में दिखाया गया कि कैसे मैना सुन्दरी ने अपनी अटूट भक्ति और सिद्ध चक्र विधान के गंधोदक से अपने पति राजा श्रीपाल का कोढ़ रोग दूर किया।
प्रमुख पात्र: राजा प्रजापाल व रूपसुन्दरी के रूप में महावीर सेठी व मुन्ना देवी सेठी ने अभिनय किया।
मुख्य भूमिका: श्रीपाल व मैना सुन्दरी के पात्र में ज्ञानचन्द पाटनी एवं जम्बूदेवी पाटनी ने अपनी जीवंत प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरा मंदिर परिसर भगवान के जयकारों और भक्तिमय भजनों से गुंजायमान रहा।
