सफलता की कहानी -ग्राम उत्थान शिविर से पशुपालक को मिला संबलए बीमार बकरी का मौके पर उपचार
भीलवाड़ा । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल से आयोजित ग्राम उत्थान शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और भरोसे का केंद्र बनते जा रहे हैं। रायला में आयोजित शिविर में इसका जीवंत उदाहरण देखने को मिलाए जब लक्ष्मीपुरा निवासी आशीष खटीक अपनी बीमार बकरी को लेकर शिविर में पहुँचे।
आशीष खटीक की बकरी निमोनिया से पीड़ित थीए जिससे पशुपालक काफी चिंतित थे। शिविर में मौजूद पशुपालन विभाग की टीम ने तुरंत बकरी की जांच की और मौके पर ही आवश्यक इंजेक्शन व दवाइयाँ देकर उपचार किया। समय पर इलाज मिलने से बकरी की हालत में सुधार आयाए जिससे पशुपालक ने राहत की सांस ली।
आशीष खटीक ने बताया कि ग्राम उत्थान शिविर जैसे आयोजनों से अब पशुपालकों को इलाज के लिए दूर नहीं भटकना पड़ता। सरकारी सेवाएँ सीधे गांव मेंए एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैंए जिससे समय और खर्च दोनों की बचत हो रही है।
गौरतलब है कि ग्राम उत्थान शिविरों के माध्यम से पशुपालन विभाग द्वारा प्रदेशभर में लाखों पशुओं को प्राथमिक चिकित्साए टीकाकरण एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिया जा रहा है। ये शिविर न केवल योजनाओं की जानकारी दे रहे हैंए बल्कि ग्रामीणों की वास्तविक समस्याओं का त्वरित समाधान भी सुनिश्चित कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम उत्थान शिविर सरकार और आमजन के बीच भरोसे की मजबूत कड़ी बनकर उभरे हैंए जो ग्रामीण सशक्तिकरण की नई इबारत लिख रहे हैं।
