मंगरोप निवासी युवक की मौत पर बवाल, परिजनों ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार, रातभर बैठे रहे मोर्चरी के बाहर
भीलवाड़ा । मंगरोप निवासी शंकर सिंह की मौत को लेकर महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी के बाहर बीते कल से समाजजन और परिजन न्याय की उम्मीद में धरने पर बैठे हुए हैं। आज परिजन और समाज के लोग अस्पताल से जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन करते हुए जिला कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई।
मामला ट्रांसपोर्ट नगर का है, जहां टायर की दुकान पर काम करने वाले शंकर सिंह को चोर समझकर एक होटल मालिक और डम्पर चालकों ने बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला। घटना के बाद से परिजन आरोपी पक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पचास लाख रुपए के मुआवजे और एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे हैं।
यह है पूरा मामला
मंगरोप निवासी 22 वर्षीय शंकर सिंह ट्रांसपोर्ट मार्केट में एक टायर की दुकान पर काम करता था। थानाप्रभारी श्याम सिंह ने बताया कि शंकर सिंह शाम को महादेव होटल पर खाना खाने गया था। इसी दौरान होटल मालिक और कुछ डम्पर चालकों ने उसे चोर समझ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। इसके बाद उसे एक कमरे में बंद कर दिया गया।
शंकर सिंह की दादी को सूचना दी गई। इस पर उसके रिश्तेदार रामसिंह महादेव होटल पहुंचे, जहां उनसे दो लाख रुपए की मांग की गई। जब उन्होंने शंकर सिंह को देखा तो उसकी हालत गंभीर थी। उसे तुरंत उपचार के लिए महात्मा गांधी अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही रावणा राजपूत समाज के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग मोर्चरी पर एकत्र हो गए और रातभर मोर्चरी के बाहर बैठे रहे। बताया गया कि शंकर सिंह अपने परिवार में अकेला कमाने वाला था। न्याय नहीं मिलने से नाराज समाज के लोगों और परिजनों ने आज जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
