नौगांवा में धरती पर उतरा वैकुंठ: क्षीर सागर में शेषशैया पर विराजे सांवरिया सेठ, दर्शन को उमड़ी भारी भीड़
भीलवाड़ा । जिले के नौगांवा स्थित सांवरिया सेठ मंदिर में आध्यात्मिकता का अनूठा संगम देखने को मिला। गुरुवार को मंदिर परिसर 'साक्षात बैकुंठ' में तब्दील हो गया, जहां भगवान सांवरिया सेठ ने स्वर्ण रजत मुकुट में शेषशैया पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए। क्षीर सागर की अलौकिक झांकी और ठाकुरजी के दिव्य स्वरूप को निहारने के लिए समूचे जिले से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। इस महोत्सव में गुरुवार को अलसुबह मंगला आरती से ही भक्तों का तांता लग गया। मंदिर के गर्भगृह को इस तरह सजाया गया था मानो साक्षात क्षीर सागर हिलोरे ले रहा हो। समुद्र के बीचों-बीच शेषनाग की शैया पर भगवान विष्णु के रूप में सांवरिया सेठ और उनके चरण दबातीं माता लक्ष्मी की झांकी ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इंदौर की विशेष कला का दिखा संगम
ठाकुरजी के श्रृंगार में इस बार इंदौर की खास कारीगरी देखने को मिली। विशेष रूप से मंगवाई गई रत्नजड़ित पोशाक और आभूषणों की चमक ने प्रभु के तेज को और अधिक बढ़ा दिया। आधुनिक चकाचौंध और प्राचीन परंपराओं के इस अनूठे संगम को देख हर कोई नतमस्तक नजर आया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य नववर्ष की शुरुआत ईश्वरीय आशीर्वाद और सेवा के संकल्प के साथ करना था। समूचे भीलवाड़ा क्षेत्र से आए श्रद्धालुओं के लिए प्रबंधन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। भक्तों का उत्साह ऐसा था कि कतारें मंदिर परिसर के बाहर तक जा पहुंचीं। कार्यक्रम में सत्कार ग्रुप की ओर से प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मंदिर ट्रस्ट के सचिव कैलाश डाड, भंवरलाल दरगड, पंडित प्रकाश शर्मा, पंडित दीपक आनंद पाराशर, गौशाला व्यवस्थापक अजीत सिंह का सहयोग रहा । मंदिर में जोधपुर के गोवत्स राधा कृष्ण महाराज की भागवत कथा की तैयारी को लेकर 3 जनवरी को प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने जाएगा। उन्हें कथा करने के लिए भीलवाड़ा पधारने का आमंत्रण पत्र दिया जाएगा।