बिजौलियाँ(दीपक राठौर) साधु संतों के सत्संग से मानव जीवन का कल्याण संभव है वर्तमान में मनुष्य अंतरंग भाव से धर्म नहीं कर रहा है जिससे उसे वास्तविक फल नहीं मिल पाता है|
भगवान से राग होने पर ही वैराग्य की दिशा तय होती है
यह विचार दिगंबर जैन मुनि योग सागर महाराज ने गुरुवार को बिजोलिया दिगंबर जैन पारसनाथ तीर्थ क्षेत्र पर धर्म सभा में कहे उन्होंने कहा कि मनुष्य को जीवन में कम बोलना कम सोना इस पर भी गंभीरता से ध्यान देना चाहिए
दिगंबर जैन मुनि वैराग्य सागर महाराज ने कहा कि मनुष्य का जीवन बहुत दुर्लभ है इसमें धर्म को अंगीकार करना चाहिए और सांसारिक कार्यों में अधिक रुचि नहीं करनी चाहिए |
प्रवचन समाप्ति के पश्चात भीलवाड़ा आर के कॉलोनी से आए प्रबंध कार्यकारिणी के सदस्यों ने भीलवाड़ा प्रवास के लिए निवेदन किया
बिजोलिया सकल दिगंबर जैन समाज ने बिजोलिया गांव के लिए निवेदन किया
आचार्य विद्यासागर महाराज की पूजन का संगीत के साथ सुमित सेठिया और श्रद्धा ठग ने करवाया|
