
मुंबई अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप के बुधवार से पारस्परिक टैरिफ लागू करने की धमकी से निवेशकों के निवेश के सुरक्षित गंतव्य स्वर्ण और बॉन्ड की ओर रुख करने से हुई भारी चौतरफा बिकवाली से आज शेयर बाजार में कोहराम मच गया।
बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1390.41 अंक अर्थात 1.80 प्रतिशत का गोता लगाकर दो सप्ताह के निचले स्तर 76,024.51 अंक पर आ गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 353.65 अंक यानी 1.50 प्रतिशत की गिरावट लेकर 23165.70 अंक पर बंद हुआ। हालांकि बीएसई की दिग्गज कंपनियों की तरह मझौली और छोटी कंपनियों के शेयरों में मिलाजुला रुख रहा। मिडकैप 1.04 प्रतिशत लुढ़ककर 41,099.88 अंक पर पहुंच गया जबकि स्मॉलकैप 0.07 प्रतिशत की बढ़त लेकर 46,671.93 अंक पर पहुंच गया।
इस दौरान बीएसई में कुल 4195 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 2708 में लिवाली जबकि 1344 में बिकवाली हुई वहीं 143 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसी तरह एनएसई में कुल 2994 कंपनियों के शेयर कारोबार के लिए रखे गए, जिनमें से 1955 में तेजी जबकि 960 में गिरावट रही वहीं 79 के भाव स्थिर रहे।
विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका द्वारा कल संभावित जवाबी टैरिफ की घोषणा से पहले बढ़ती वैश्विक अस्थिरता के बीच आज घरेलू बाजार में भारी बिकवाली देखी गई। निवेशक इन टैरिफ की विस्तृत जानकारी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। साथ ही संभावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के लिए चल रही वार्ताओं पर भी नजर बनाए हुए हैं।
अमेरिकी बाजार के प्रति संवेदनशील आईटी समूह आज की गिरावट में सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। वहीं, महाराष्ट्र सरकार की रेडी रेकनर दरों में वृद्धि के बाद रियल एस्टेट शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई क्योंकि इससे संपत्तियों के मूल्यांकन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
इनके अलावा कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी बाजार की धारणा को और कमजोर किया। हालांकि, टैरिफ से संबंधित अल्पकालिक अस्थिरता के बावजूद घरेलू स्तर पर सकारात्मक कारक जैसे कि उम्मीद से बेहतर आय वृद्धि, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा संभावित ब्याज दरों में कटौती और मूल्यांकन में सुधार निवेशकों के लिए स्थिरता और समर्थन प्रदान करने की संभावना रखते है