2 अप्रैल से अमेरिका से आयात पर टैरिफ की एक नई लहर का करना पड़ेगा सामना

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पारस्परिक टैरिफ (Reciprocal Tariff) लागू होने में सिर्फ दो दिन बचे हैं, ऐसे में भारत और अमेरिका ने साल खत्म होने से पहले द्विपक्षीय व्यापार समझौते के एक हिस्से को अंतिम रूप देने पर सहमति जताई है। हालांकि, कथित तौर पर दोनों पक्षों में से किसी ने भी भारत के लिए किसी भी टैरिफ छूट का संकेत नहीं दिया है।
भारत को 2 अप्रैल से अमेरिका से आयात पर टैरिफ की एक नई लहर का सामना करना पड़ेगा। समाचार एजेंसी के अनुसार, भारत-अमेरिका इस सप्ताह नई दिल्ली में व्यापार वार्ता कर रहे थे, दोनों देश 2025 तक व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने का प्रयास कर रहे हैं।
यह ऐसे वक्त में हुआ है जब भारत अपने निर्यात को संभावित नुकसान पहुंचाने की तैयारी कर रहा है, क्योंकि ट्रम्प प्रशासन की टैरिफ व्यवस्था से तनाव और बढ़ने का खतरा है। इस बीच, वेनेजुएला से तेल खरीदने वाले देशों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के अमेरिकी फैसले से भारत भी प्रभावित होगा, जो लैटिन अमेरिकी देश के कच्चे तेल का खरीदार रहा है।