ईरानी महिला फुटबॉल खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर ट्रंप की बड़ी अपील: 'ऑस्ट्रेलिया दे शरण, वरना अमेरिका है तैयार'

Update: 2026-03-09 16:43 GMT


वाशिंगटन/कैनबरा। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध के दसवें दिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑस्ट्रेलिया सरकार से भावुक और सख्त अपील करते हुए कहा है कि वह ऑस्ट्रेलिया में मौजूद ईरान की महिला फुटबॉल खिलाड़ियों को शरण प्रदान करे। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि इन खिलाड़ियों को वापस ईरान भेजा गया, तो उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है और यह एक अक्षम्य मानवीय भूल होगी।

राष्ट्रगान न गाकर जताया था विरोध

यह पूरा विवाद ऑस्ट्रेलिया में चल रहे महिला एशियन कप के दौरान शुरू हुआ। दरअसल, 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमलों के बाद, ईरानी महिला टीम ने मैच से पूर्व अपना राष्ट्रगान नहीं गाया था। इस कदम को ईरानी सरकार के खिलाफ एक कड़े विरोध के रूप में देखा गया। इसके तुरंत बाद ईरानी सरकारी मीडिया ने इन खिलाड़ियों को 'देशद्रोही' करार देते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।

ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का कड़ा संदेश

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि इन महिला खिलाड़ियों ने साहस दिखाया है, लेकिन ईरान लौटने पर उन्हें गंभीर सजा या मौत का सामना करना पड़ सकता है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि ऑस्ट्रेलिया इन खिलाड़ियों को आश्रय देने में असमर्थ है, तो अमेरिका उन्हें अपने यहाँ शरण देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

ईरान जंग में 7वां अमेरिकी सैनिक मारा गया

ईरान के साथ जारी युद्ध में सातवां अमेरिकी सैनिक मारा गया है। अमेरिकी सेना ने बताया कि मृतक की पहचान 26 वर्षीय सार्जेंट बेंजामिन पेनिंगटन के रूप में हुई है।सेना के मुताबिक पेनिंगटन हालिया हमले में गंभीर रूप से घायल हुए थे और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

 लेबनान में 486 लोगों की मौत

लेबनान में इजराइल के लगातार हमलों के बीच मौत का आंकड़ा बढ़कर 486 पहुंच गया है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 2 मार्च से अब तक 1,313 लोग घायल भी हुए हैं।

 ईरान के तेल ठिकानों पर इजराइली हमलों से अमेरिका में चिंता

ईरान के तेल ठिकानों पर इजराइल के हालिया हमलों को लेकर ट्रम्प प्रशासन के भीतर चिंता जताई जा रही है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों को हमलों की योजना की जानकारी थी, लेकिन हमलों के पैमाने और उससे हुई तबाही ने प्रशासन के कुछ लोगों को हैरान कर दिया।

इजराइल ने शनिवार रात ईरान के कई फ्यूल डिपो और तेल से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया। हमलों के बाद उठते काले धुएं के बड़े-बड़े गुबारों की तस्वीरों ने ईरान के तेल उद्योग को हुए नुकसान को दिखाया।

इन हमलों के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। तेल कीमतों में तेजी के कारण ट्रम्प प्रशासन के कुछ सलाहकार इसे राजनीतिक रूप से जोखिम भरा मान रहे हैं।

हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बढ़ती तेल कीमतों को लेकर ज्यादा चिंता नहीं जताई। उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म होने के बाद तेल की कीमतें जल्दी गिर जाएंगी।

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