दिल्ली शराब नीति मामला: क्या थी वह नई नीति जिस पर मचा इतना बवाल? जानें पूरे मामले की सच्चाई और घटनाक्रम
नई दिल्ली | दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सीबीआई मामले में आरोप मुक्त किए जाने के बाद, अब हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर वह 'आबकारी नीति' क्या थी, जिस पर इतना बड़ा विवाद खड़ा हुआ। यहाँ उस पूरे मामले का विश्लेषण और घटनाक्रम दिया गया है:
क्या थी दिल्ली की नई शराब नीति?
दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर 2021 को नई आबकारी नीति लागू की थी। इस नीति का मुख्य उद्देश्य शराब बिक्री के स्वरूप को पूरी तरह बदलना था:
जोन और दुकानें: पूरी दिल्ली को 32 जोन में बांटा गया और कुल 849 दुकानें खोलने का लक्ष्य रखा गया।
निजीकरण: पहले दिल्ली में 60% शराब की दुकानें सरकारी और 40% निजी थीं। नई नीति के तहत इन्हें 100% प्राइवेट कर दिया गया।
लाइसेंस फीस: सरकार ने लाइसेंस फीस में भारी बढ़ोतरी की। उदाहरण के लिए, एल-1 लाइसेंस के लिए फीस 25 लाख से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दी गई थी। सरकार का तर्क था कि इससे 3,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
क्यों लगे घोटाले के आरोप?
विपक्ष और जांच एजेंसियों का आरोप था कि यह नीति बड़े शराब कारोबारियों को फायदा पहुँचाने के लिए बनाई गई थी:
लाइसेंस शुल्क में खेल: आरोप था कि जानबूझकर लाइसेंस फीस बढ़ाई गई ताकि छोटे ठेकेदार बाहर हो जाएं और बाजार पर बड़े शराब माफिया का कब्जा हो जाए।
राजस्व का गणित: एक बोतल शराब पर सरकार को मिलने वाला मुनाफा 329.89 रुपये से घटकर महज 3.78 रुपये रह जाने का दावा किया गया। आरोप था कि खुदरा विक्रेताओं का मुनाफा 10 गुना बढ़ा दिया गया और बदले में आप नेताओं को मोटी रिश्वत मिली। सरकार इन दावों को नकारती रही और इसे राजस्व बढ़ाने का कदम बताती रही।
जांच का घटनाक्रम (एक नजर में)
17 नवंबर 2021: दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति लागू की।
8 जुलाई 2022: मुख्य सचिव की रिपोर्ट में नीति में गंभीर उल्लंघन पाए गए।
22 जुलाई 2022: उपराज्यपाल ने सीबीआई जांच की सिफारिश की।
19 अगस्त 2022: सीबीआई ने मनीष सिसोदिया समेत अन्य के ठिकानों पर छापे मारे।
22 अगस्त 2022: ईडी (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया।
सितंबर 2022: आप संचार प्रमुख विजय नायर की गिरफ्तारी।
मार्च 2023: मनीष सिसोदिया गिरफ्तार।
अक्टूबर 2023: आप नेता संजय सिंह की गिरफ्तारी और अरविंद केजरीवाल को पहला समन।
16 मार्च 2024: के. कविता गिरफ्तार।
21 मार्च 2024: केजरीवाल ईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए।
शुक्रवार, 27 फरवरी 2026: राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई मामले में सभी को आरोप मुक्त किया।
