रूस से Su-57 फाइटर जेट्स की खरीद पर भारत की योजना: पाकिस्तान की नींद उड़ाने वाली डील अब 'मेक इन इंडिया' मोड में!
नई दिल्ली: भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई देने वाली खबरें सामने आ रही हैं। भारत कम से कम दो स्क्वॉड्रन (लगभग 36-40 विमान) Su-57 लड़ाकू जेट्स की खरीद पर विचार कर रहा है, और अब इसमें 'मेक इन इंडिया' का बड़ा ट्विस्ट जुड़ गया है। रूस ने न सिर्फ तत्काल 20-30 जेट्स की डिलीवरी का ऑफर दिया है, बल्कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के नासिक प्लांट में इनका स्थानीय उत्पादन शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा है। रूस की राज्य-स्वामित्व वाली यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (UAC) ने फुल टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ सोर्स कोड तक की एक्सेस देने का ऐलान किया है, जो भारत को इन जेट्स को पूरी तरह कस्टमाइज करने की आजादी देगा।
यह डील S-400 एयर डिफेंस सिस्टम के बाद भारत-रूस साझेदारी का अगला बड़ा कदम है। रूस के रक्षा निर्यात एजेंसी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के अधिकारियों ने हाल ही में कहा कि HAL के साथ अनौपचारिक बातचीत हो चुकी है, और उत्पादन के लिए निवेश की स्टडी चल रही है। हालांकि, अमेरिकी CAATSA सैंक्शंस और पेमेंट मैकेनिज्म जैसी चुनौतियां बाकी हैं, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के तहत US-रूस तनाव कम होने की उम्मीद से यह डील आसान हो सकती है।
क्यों उड़ जाएगी पाकिस्तान की नींद? Su-57 की खासियतें जो इसे 'गेम चेंजर' बनाती हैं
आपकी दी गई जानकारी बिल्कुल सटीक है, लेकिन अपडेटेड डिटेल्स के साथ इसे और मजबूत करते हैं। Su-57 (नाटो कोडनेम: फेलन) दुनिया के चुनिंदा 5th जेनरेशन स्टील्थ फाइटर्स में से एक है, जो F-35 को कड़ी टक्कर दे सकता है।
क्यों खास है एसयू-57?
यह दो इंजन वाला 5वीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जो राडार से छिपने की क्षमता रखता है। इसे हवाई लड़ाई और जमीनी या समुद्री हमलों दोनों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी सबसे तेज रफ्तान रफ्तार मैक 2 यानी आवाज की गति से लगभग दोगुनी है। यह करीब 1,900 किलोमीटर तक बिना रुके युद्ध कर सकता है। यह फुर्तीला और तेज है।
