नर्सरी छात्रा नित्या शर्मा की हार्ट अटैक से दर्दनाक मौत, परिवार सदमे में
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के हैदलपुर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। नर्सरी की मासूम छात्रा नित्या शर्मा (5 वर्ष) की स्कूल बस में ही हार्ट अटैक से मौत हो गई। यह हादसा सोमवार दोपहर को हुआ, जब बच्ची स्कूल से घर लौट रही थी। परिजनों ने बिना किसी औपचारिक कार्रवाई के अंतिम संस्कार कर दिया, लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं कि इतनी छोटी उम्र में हार्ट अटैक कैसे संभव? क्या स्कूल बस में मेडिकल सुविधाओं की कमी जिम्मेदार है?
घटना का पूरा विवरण
हैदलपुर गांव के किसान देवदत्त शर्मा की छोटी बेटी नित्या रहरा के एक निजी स्कूल में नर्सरी की छात्रा थी। रोजाना की तरह सोमवार को दोपहर की छुट्टी के बाद वह अन्य बच्चों के साथ स्कूल बस में सवार होकर गांव लौट रही थी। रास्ते में अचानक बच्ची की तबीयत बिगड़ गई। सहयात्रियों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी, जिन्होंने नित्या को नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
पिता देवदत्त शर्मा ने बताया, "डॉक्टरों ने कहा कि बच्ची का ऑक्सीजन लेवल अचानक कम हो गया, जिससे हार्ट अटैक आया। नित्या दो बहनों में छोटी थी, वह हमेशा हंसमुख रहती थी।" वहीं, रहरा के सीएचसी प्रभारी डॉ. शशांक चौधरी ने स्पष्ट किया कि यह मामला उनके सेंटर तक नहीं पहुंचा, इसलिए कोई आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज नहीं है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ? छोटी उम्र में हार्ट अटैक के खतरे
यह घटना न केवल परिवार के लिए दुखद है, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। हाल के वर्षों में बच्चों में हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, कारणों में जन्मजात हृदय दोष, वायरल इंफेक्शन (जैसे COVID के बाद), मोटापा, और आनुवंशिक कारक शामिल हैं। लेकिन स्कूल बस में ऐसी घटना पर सवाल उठ रहे हैं
:खतरे के संकेतसंभावित कारणबचाव के उपाय
अचानक सांस फूलनाऑक्सीजन लेवल कम होनाबच्चे की नियमित हेल्थ चेकअपसीने में दर्दजन्मजात हृदय समस्यास्कूल बस में फर्स्ट-एड किट और ट्रेंड स्टाफथकान या चक्करवायरल इंफेक्शन या तनावमाता-पिता को बच्चे के व्यवहार पर नजरपसीना आनाहार्ट अटैक का शुरुआती लक्षणइमरजेंसी में CPR ट्रेनिंग
विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों में मेडिकल किट और प्रशिक्षित स्टाफ अनिवार्य होने चाहिए। अमरोहा जिले में पिछले साल ऐसे ही 2-3 मामलों में लापरवाही की शिकायतें आई थीं।
परिवार और गांव का सदमा
नित्या की मौत ने देवदत्त परिवार को तोड़ दिया है। बड़ी बहन (8 वर्ष) भी सदमे में है। गांववासी शोक सभा आयोजित कर रहे हैं, और कईयों ने स्कूल प्रशासन पर बस में मेडिकल सुविधा न होने का आरोप लगाया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन अब तक कोई FIR नहीं दर्ज हुई।
