आश्रम में डरावना खुलासा:: संचालक पर 15+ छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप, फर्जी UN नंबर वाली वोल्वो जब्त, आरोपी आगरा फरार

Update: 2025-09-24 05:40 GMT

 

दिल्ली के पॉश इलाके वसंत कुंज में स्थित एक प्रमुख आश्रम के संचालक पर 15 से ज्यादा छात्राओं से छेड़छाड़ का संगीन आरोप लगा है। यह मामला दक्षिण भारत के प्रसिद्ध शृंगेरी शारदा पीठ से जुड़े आश्रम से जुड़ा है, जहां मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रही लड़कियां कथित तौर पर आरोपी के शिकार बनीं। वसंत कुंज (नॉर्थ) थाने में छात्राओं की शिकायत पर IPC की धारा 354A (यौन उत्पीड़न) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज हो गया है। पुलिस ने आरोपी की लग्जरी वोल्वो कार जब्त कर ली है, जिसमें फर्जी UN (39 UN 1) नंबर प्लेट लगी हुई थी। आरोपी की आखिरी लोकेशन आगरा में ट्रेस की गई है, और गिरफ्तारी के लिए टीमें छापेमारी कर रही हैं।

छात्राओं की आपबीती: वार्डन ने कराया परिचय, जज के समक्ष दर्ज हुए बयान

दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली पुलिस के अनुसार, आश्रम में दो बैचों में 35 से ज्यादा छात्राएं मैनेजमेंट कोर्स कर रही थीं। छात्राओं ने शिकायत में बताया कि आश्रम की कुछ वार्डन आरोपी से उनका परिचय कराती थीं, जिसके बाद छेड़छाड़ की घटनाएं हुईं। पुलिस ने 183 से ज्यादा बयान दर्ज किए हैं, जिनमें अदालत के जज के समक्ष छात्राओं के बयान भी शामिल हैं। मामला सामने आते ही आश्रम प्रबंधन ने आरोपी को तत्काल पद से हटा दिया और बाहर कर दिया।

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पश्चिम) अमित गोयल ने बताया, "आरोपी चिन्मया नंद उर्फ स्वामी चैतन्यनंद सरस्वती ने अपनी महंगी वोल्वो कार पर फर्जी UN नंबर लगाकर घूम रहा था। हमने UN से वेरिफिकेशन कराया, तो पता चला कि यह नंबर फर्जी है। कार जब्त हो चुकी है, और आरोपी फरार है।"

फर्जी नंबर वाली लग्जरी कार: आरोपी की शानो-शौकत का राज खुला

आरोपी की लाल रंग की वोल्वो कार पर लगे फर्जी नंबर ने पुलिस को चौंका दिया। यह नंबर (39 UN 1) खुद ही बनवाया गया था, जो संयुक्त राष्ट्र से जुड़ा होने का भ्रम पैदा करता था। पुलिस ने कार को जब्त कर आरोपी के फोन लोकेशन को ट्रैक किया, जो आगरा की ओर इशारा कर रहा है। दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस ने अलग-अलग टीमों को उसके संभावित ठिकानों पर भेजा है।

शृंगेरी शारदा पीठ का सख्त रुख: सभी संबंध तोड़े, छात्रों को सुरक्षा का भरोसा

दक्षिण भारत के प्रमुख शृंगेरी शारदा पीठ ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि स्वामी चैतन्यनंद सरस्वती (पूर्व नाम: स्वामी डॉ. पार्थसारथी) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। पीठ ने स्पष्ट किया कि उनके आचरण अवैध और पीठ के हितों के खिलाफ थे, इसलिए उनसे सभी संबंध समाप्त कर दिए गए हैं। पीठ ने संबंधित अधिकारियों के पास शिकायत भी दर्ज कराई है।

पीठ की ओर से यह भी कहा गया कि 'श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट-रिसर्च' (वसंत कुंज) AICTE से मान्यता प्राप्त है और पीठ के अधीन चल रहा है। संस्थान का संचालन गवर्निंग काउंसिल करता है, जिसके चेयरमैन डॉ. कृष्णा वेंकटेश हैं। काउंसिल ने आश्वासन दिया है कि छात्रों के हितों की पूरी रक्षा की जाएगी और उनकी पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आएगी।

पुलिस की जांच तेज: क्या है अगला कदम?

यह मामला न सिर्फ छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है, बल्कि धार्मिक संस्थानों में जवाबदेही की कमी को भी उजागर करता है। पुलिस ने छात्राओं के बयानों के आधार पर FIR दर्ज की है और आरोपी की तलाश तेज कर दी है। अगर आपको या किसी को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, तो तुरंत नजदीकी थाने या हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क करें। 

Similar News