प्रेमानंद जी महाराज एक महान संत और विचारक थे, जिनकी उपदेशों ने समाज में एक नई जागरूकता पैदा की. उन्होंने हमेशा महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और उनकी शक्ति पर जोर दिया. उनका मानना था कि महिलाएं समाज की आधारशिला होती हैं और उन्हें समान सम्मान और अवसर मिलना चाहिए. प्रेमानंद जी महाराज के उद्धरण हमें महिलाओं के प्रति सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में प्रेरित करते हैं, यहां प्रेमानंद जी महाराज के कुछ महत्वपूर्ण उद्धरण दिए गए हैं, जो महिलाओं के लिए उनके दृष्टिकोण और उपदेशों को दर्शाते हैं:-
“महिलाओं का आदर्श और शक्ति, उनके दिल में होती है, जो सच्ची नारीत्व की पहचान है”
“एक महिला का दिल भगवान का मंदिर है, उसे सच्ची श्रद्धा और सम्मान से पूजना चाहिए”
“महिलाएं हर स्थिति में अपना धैर्य और साहस बनाए रखती हैं, यही उनकी असली ताकत है”
“जो महिला अपने परिवार और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझती है, वही सच्ची नारी है”
“महिलाओं को अपने अधिकारों को जानने और उन्हें पाने का आत्मविश्वास होना चाहिए, क्योंकि वे किसी भी कार्य में पुरुषों से कम नहीं हैं”
“नारी का सम्मान समाज की समृद्धि और विकास के लिए जरूरी है”
“महिलाएं ना सिर्फ घर की रौनक होती हैं, बल्कि समाज की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं”
“एक महिला अपनी पूरी दुनिया अपने परिवार और समाज के लिए समर्पित करती है, यही उसकी सच्ची ताकत है”
“नारी को कमजोर समझना सबसे बड़ी भूल है, उसके अंदर अपार शक्ति और सामर्थ्य छिपी होती है”
“महिला को अपने आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करना चाहिए”
