महाशिवरात्रि का व्रत खास रूप से शिव भगवान की पूजा करने का दिन होता है, और इस दिन लोग उपवासी रहते हैं. व्रत में आमतौर पर तामसिक आहार से बचने की सलाह दी जाती है और सिर्फ पवित्र व फलाहारी भोजन किया जाता है. कुट्टू का आटा व्रत में खाने के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, क्योंकि यह पचने में हल्का होता है और सेहत के लिए फायदेमंद भी है. अगर आप महाशिवरात्रि के दिन कुछ खास व्रत भोजन तैयार करना चाहते हैं, तो कुट्टू के डोसा एक शानदार विकल्प हो सकता है. यहां हम कुट्टू के डोसा बनाने की विधि बताएंगे:-
सामग्री
कुट्टू का आटा – 1 कप
पानी – आवश्यकता अनुसार
सेंधा नमक – स्वाद अनुसार
ताजे धनिया के पत्ते – 1-2 टेबलस्पून (कटे हुए)
हरी मिर्च – 1 (कटी हुई)
अदरक – 1 इंच का टुकड़ा (कद्दूकस किया हुआ)
घी या शुद्ध देसी घी – 1-2 टेबलस्पून
आलू – 1 (उबला हुआ और मैश किया हुआ)
सौंफ – ½ टीस्पून
ताजा नींबू – 1 (सर्व करने के लिए)
विधि
– कुट्टू के आटे का घोल तैयार करें
सबसे पहले एक बर्तन में कुट्टू का आटा डालें और उसमें थोड़ी सी पानी डालकर गाढ़ा घोल तैयार करें. ध्यान रखें कि घोल न ज्यादा गाढ़ा हो, न बहुत पतला. इस घोल में सेंधा नमक, कटी हुई हरी मिर्च, कद्दूकस किया हुआ अदरक, और सौंफ डालकर अच्छे से मिक्स कर लें. इसके बाद, उबले हुए आलू को मैश करके इस मिश्रण में मिला लें.
– तवे को गर्म करें
अब एक तवा या नॉन-स्टिक तवा गर्म करने के लिए रखें. जब तवा गर्म हो जाए, तो उसमें घी या देसी घी लगाकर अच्छे से फैलाएं.
डोसा पकाएं
तैयार घोल को तवे पर डालकर फैलाएं और हलके हाथों से गोल आकार में डोसा बनाएं. कुट्टू के डोसे को हल्का क्रिस्पी और सुनहरा होने तक पकाएं. एक तरफ से पकने के बाद इसे पलटकर दूसरी तरफ भी अच्छे से सेंक लें.
– सर्व करें
कुट्टू के डोसे को तवे से निकालकर गर्मा-गर्म सर्व करें. इसे ताजे धनिया पत्ते और नींबू के साथ सजाएं. आप इसे ताजे फलाहारी चटनी या दही के साथ भी खा सकते हैं.
व्रत में फायदे
कुट्टू के डोसे व्रत के दौरान खाए जाने वाले सबसे अच्छे आहारों में से एक हैं, क्योंकि यह हल्का होते हुए भी काफी पौष्टिक होते हैं. कुट्टू का आटा उच्च फाइबर और प्रोटीन का स्रोत है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखता है. इसमें ग्लूटेन नहीं होता, इसलिए यह पाचन तंत्र के लिए भी उपयुक्त है. व्रत में जब आपको हल्का और पौष्टिक भोजन चाहिए, तो कुट्टू के डोसे एक बेहतरीन विकल्प हैं.
– व्रत के दौरान ध्यान रखें
महाशिवरात्रि व्रत के दौरान किसी भी प्रकार के तामसिक पदार्थों से बचना चाहिए. ताजे और शुद्ध खाद्य पदार्थों का सेवन करें और खूब पानी पिएं.कुट्टू के डोसे जैसे फलाहारी भोजन से आपको शरीर में ऊर्जा मिलेगी, साथ ही व्रत का सही तरीका भी निभाया जाएगा.
