भयंकर गर्मी में भी एसी जैसा ठंडा रहेगा घर; फर्श के लिए अपनाएं केरल की यह 300 साल पुरानी 'कावी तकनीक'
जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है, लोग घरों को ठंडा रखने के जतन कर रहे हैं। आज के दौर में मार्बल और टाइल्स भले ही सुंदर दिखते हों, लेकिन गर्मियों में ये बुरी तरह तपने लगते हैं। ऐसे में केरल की एक पारंपरिक फर्श तकनीक 'कावी फ्लोरिंग' (Kavi Flooring) चर्चा में है, जो बिना बिजली खर्च किए घर को कुदरती तौर पर ठंडा रखती है।
क्या है कावी फ्लोरिंग?
यह फर्श बनाने की एक ऐसी कला है जो करीब 300 साल पुरानी है। इसे 'केरल का संगमरमर' भी कहा जाता है। यह पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल है और इसमें चूने के आधार (Lime-based) के साथ लाल मिट्टी जैसे प्राकृतिक रंगों का मिश्रण तैयार किया जाता है। खास बात यह है कि इसे बनाने में गुड़ और नारियल तेल जैसी प्राकृतिक चीजों का उपयोग होता है।
कारीगरी का अनूठा शिल्प
कावी फ्लोरिंग कोई रेडीमेड प्रोडक्ट नहीं, बल्कि एक सूक्ष्म शिल्प कला है। इसकी फिनिशिंग और मजबूती पूरी तरह कारीगर की कुशलता पर निर्भर करती है।
नेचुरल चमक: इस फर्श को चमकाने के लिए किसी मशीन का नहीं, बल्कि 'पॉलिशिंग स्टोन' (प्राकृतिक पत्थर) का उपयोग किया जाता है। इसकी चमक इटालियन मार्बल को टक्कर देती है।
टिकाऊ और मजबूत: अगर इसे सही नमी और लेयरिंग के साथ बनाया जाए, तो यह दशकों तक खराब नहीं होता और इसकी चमक बनी रहती है।
क्यों है यह गर्मियों के लिए बेस्ट?
जहाँ आधुनिक टाइल्स गर्मी सोखकर फर्श को गर्म कर देती हैं, वहीं कावी फ्लोरिंग अपनी प्राकृतिक सामग्री के कारण तापमान को नियंत्रित रखती है। यह न केवल पैरों को ठंडक पहुँचाती है, बल्कि घर के भीतर के वातावरण को भी खुशनुमा बनाए रखती है। पुराने समय में जब पंखे या एसी नहीं होते थे, तब इसी तरह की फ्लोरिंग के दम पर घर ठंडे रहते थे।
