​शिक्षा विभाग में 'जंबो' तबादला सूची जारी

Update: 2026-01-08 19:02 GMT

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​माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर द्वारा गुरुवार (8 जनवरी 2026) को देर शाम जारी किए गए आदेशों के अनुसार, विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है।

​167 वाइस प्रिंसिपल: राज्य के विभिन्न सरकारी स्कूलों में कार्यरत उप-प्रधानाचार्यों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है।

​10 जिला शिक्षा अधिकारी (DEO): प्रशासनिक स्तर पर मजबूती लाने के लिए 10 डीईओ स्तर के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।

​हाई कोर्ट की वो टिप्पणी जिससे मचा हड़कंप

​यह सूची ऐसे समय में आई है जब ठीक एक दिन पहले (7 जनवरी 2026) राजस्थान हाई कोर्ट ने शिक्षकों के तबादलों को लेकर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया था।

​नीति पर सवाल: कोर्ट ने कहा कि राजस्थान में तबादलों के लिए कोई स्पष्ट और प्रभावी 'ट्रांसफर पॉलिसी' नहीं है।

​सत्र के बीच तबादले गलत: जस्टिस अशोक कुमार जैन की बेंच ने टिप्पणी की थी कि शैक्षणिक सत्र के बीच में (Mid-session) बड़े पैमाने पर तबादले करना "अच्छे शासन (Good Governance)" के खिलाफ है। इससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है।

​विपरीत प्रभाव: अदालत ने स्पष्ट किया कि 4,500 से अधिक प्रिंसिपलों के सामूहिक तबादलों ने शिक्षा व्यवस्था में अस्थिरता पैदा की है।

​घमासान की मुख्य वजहें

​इस नई सूची के बाद शिक्षा विभाग में फिर से विवाद और विरोध की स्थिति बन रही है, जिसके प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

​न्यायपालिका बनाम कार्यपालिका: कोर्ट द्वारा तबादलों पर सवाल उठाने के तुरंत बाद नई सूची जारी करना विभाग की "अति-सक्रियता" या "हठधर्मिता" के रूप में देखा जा रहा है।

​शिक्षकों में असंतोष: शिक्षक संगठनों का तर्क है कि बिना किसी पारदर्शी नीति के किए जा रहे ये तबादले केवल 'पसंदीदा' लोगों को उपकृत करने के लिए हैं।

​कानूनी अड़चनें: हाई कोर्ट की टिप्पणी के बाद अब कई अधिकारी इस नई सूची को भी अदालत में चुनौती दे सकते हैं, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली फिर से कठघरे में आ सकती है।

​छात्रों का नुकसान: बोर्ड परीक्षाओं के नजदीक होने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर इतने बड़े बदलाव से स्कूलों के कामकाज पर असर पड़ना तय है।

 

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