राजसमंद। पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने रविवार को राजसमंद जिले के ग्राम पंचायत कुरज में आयोजित पाँच दिवसीय भव्य पशु मेले का विधिवत शुभारंभ किया। यह पशु मेला न्याति पेवेलियन मैदान, बस स्टैंड के समीप दिनांक 1 फरवरी से 5 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। शुभारंभ अवसर पर राजसमंद विधायक श्रीमती दीप्ति माहेश्वरी, पूर्व प्रधान श्री अरविन्द सिंह राठौड़, समाजसेवी श्री मान सिंह बारहठ सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में पशुपालक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राज्य सरकार पशुपालकों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा पशु चिकित्सालयों में रिक्त पदों को भरने के लिए गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पशुओं में खुरपका, लंपी स्किन डिजीज सहित अन्य गंभीर रोगों से मृत्यु होने पर पूर्व में पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था, जिसकी कोई भरपाई नहीं हो पाती थी। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पशुओं के लिए बीमा योजना प्रारंभ की गई है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
मंत्री श्री कुमावत ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा की अनुपालना में प्रदेश के प्रत्येक जिले में पशु मेलों का आयोजन किया जा रहा है। पहले पशुपालकों को दूर-दराज के पशु मेलों में जाने के लिए समय और धन दोनों खर्च करने पड़ते थे, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर पशु मेलों के आयोजन से पशुपालकों को अपने क्षेत्र में ही अच्छी नस्ल के पशुओं के क्रय-विक्रय का अवसर मिल रहा है। कुरज में पशु मेला प्रारंभ होने से क्षेत्र के पशुपालकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पशुपालन क्षेत्र की विभिन्न योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है। मंगला पशु बीमा योजना सहित अनेक योजनाओं का लाभ पशुपालक उठा रहे हैं। राजस्थान में कृषि एवं पशुपालन पर निर्भर आबादी का बड़ा वर्ग है और राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में किसानों व पशुपालकों का महत्वपूर्ण योगदान है। सरकार का निरंतर प्रयास है कि किसान एवं पशुपालक आर्थिक रूप से सशक्त बनें।
पशुपालन मंत्री ने बताया कि राज्यभर में 536 मोबाइल वेटनरी यूनिट संचालित की जा रही हैं, जिनके माध्यम से पशुपालकों के घर-घर जाकर पशुओं का उपचार किया जा रहा है। पशुपालकों को निशुल्क दवाइयाँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। गोवंश सेवा को लेकर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार पूरी तरह संवेदनशील है। गौशालाओं के अनुदान में वृद्धि की गई है तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। पंचायत स्तर पर गौशालाओं एवं नंदी शालाओं की स्थापना की जा रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्रीमती दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश का हर वर्ग मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि हालिया केन्द्रीय बजट 2026-27 में भी ग्रामीण भारत को विशेष मजबूती प्रदान की गई है। वहीं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के स्थान पर वीबी-जीरामजी अंतर्गत 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने पशु मेले के सफल आयोजन पर सभी आयोजकों एवं पशुपालकों को बधाई दी।
पशु मेले में विभिन्न नस्लों के पशुओं की प्रदर्शनी, क्रय-विक्रय, पशु स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टॉल लगाए गए हैं, जिससे पशुपालकों को एक ही स्थान पर बहुआयामी लाभ मिल सके।
