बेरोजगार आयुर्वेद नर्स/कंपाउंडर नियुक्ति की माँग लेकर पहुंचे मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के द्वार
चित्तौड़गढ़ ! राजस्थान में 2013 की आयुर्वेद नर्स/कंपाउंडर भर्ती के तहत शेष बचे 1005 पदों पर नियुक्ति की माँग को लेकर बेरोजगार अभ्यर्थियों ने एक बार फिर सरकार के समक्ष अपनी आवाज बुलंद की है। 'बेरोजगार आयुष नर्सेज वंचित भर्ती संगठन 2013, राजस्थान' के बैनर तले संगठन अध्यक्ष मुकेश जोशी के नेतृत्व में प्रदेशभर के सैकड़ों अभ्यर्थी 4 अगस्त 2025 सोमवार को राजधानी जयपुर पहुंचे और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा एवं उपमुख्यमंत्री एवं आयुर्वेद मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में
वर्ष 2013 में तत्कालीन गहलोत सरकार ने आयुर्वेद नर्स/कंपाउंडर के कुल 1605 पदों पर सीधी भर्ती की घोषणा की थी। इनमें से केवल 600 अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति दी गई, जबकि 1005 पद अब तक खाली पड़े हैं। विडंबना यह है कि 12 वर्षों बाद भी इन रिक्त पदों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे चयनित अभ्यर्थी मानसिक, आर्थिक एवं सामाजिक स्तर पर गहरे संकट में हैं। इन 1005 चयनित अभ्यर्थियों में से कई आज आयु सीमा पार कर चुके हैं, जिससे वे अन्य नौकरियों के लिए भी अयोग्य हो गए हैं। ऐसे में इन युवाओं के सामने भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। इस अवसर पर रेखा राव (जयपुर), मनजीत सिंह (आसींद), सुनीता पारीक, रेखा शर्मा, सोनू पारीक चित्तौड़गढ़, निर्भय सिंह, कैलाश कुमारी बैरवा, पुष्कर आमेटा, राजेश पुरबिया, विशाल स्वामी, सुशीला शर्मा, चंपा पुनावत (जोधपुर), चंदा शर्मा, कैलाशचंद्र सालवी, रेखा वैष्णव, अनीता रेगर, अनीशा कुरैशी, दिव्या (कोटा), कमला जाट (चित्तौड़गढ़), प्रतिष्ठा शर्मा (भींडर), हेमलता रजक, कैलाश रोत, जीवराज (डूंगरपुर), प्रभुलाल, रमनलाल रोत (बांसवाड़ा), जयप्रकाश वासुदेव, महेंद्र परमार समेत सैकड़ों अभ्यर्थियों ने उपस्थित होकर राज्य सरकार से न्याय की पुकार लगाई। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री से मांग की है कि वह इस 12 वर्षों से अधूरी भर्ती प्रक्रिया को तुरंत पूर्ण कर सभी पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान करें। इससे न केवल युवाओं का भरोसा लोकतंत्र में बना रहेगा, बल्कि प्रदेश को भी आयुर्वेदिक सेवाओं में प्रशिक्षित मानव संसाधन का लाभ मिलेगा।