जिला स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग में इंदिरा गांधी स्टेडियम व महिला वर्ग में सामरी टीम ने जीता खिताब
चित्तौड़गढ़, । राजस्थान सरकार की पंच गौरव योजना के अंतर्गत “एक जिला एक खेल” कार्यक्रम के तहत इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता उत्साहपूर्वक संपन्न हुई। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद दशोरा रहे। इस दौरान भारतीय खेल प्राधिकरण के सेवानिवृत्त अधिकारी रविंद्र सिंह भाटी तथा शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा भी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता में जिले भर से खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजन के लिए लगभग 300 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया तथा 20 से अधिक टीमों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई। महिला एवं पुरुष दोनों वर्गों में रोमांचक मुकाबले खेले गए, जिससे खिलाड़ियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। खिलाड़ियों को खेल भावना, अनुशासन और टीम वर्क के महत्व के बारे में भी प्रेरित किया गया।
प्रतियोगिता के परिणामों में महिला वर्ग में सामरी टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि चित्तौड़गढ़ टीम द्वितीय स्थान पर रही और धीरजी का खेड़ा टीम ने तृतीय स्थान हासिल किया। वहीं पुरुष वर्ग में इंदिरा गांधी स्टेडियम चित्तौड़गढ़ की टीम ने पहला स्थान प्राप्त किया। भदेसर-भालुंडी टीम द्वितीय तथा निम्बाहेड़ा कदमाली टीम तृतीय स्थान पर रही।
पुरुष वर्ग का पहला सेमीफाइनल डेट और भालुंडी के बीच खेला गया, जिसमें भालुंडी की टीम विजयी रही। दूसरा सेमीफाइनल इंदिरा गांधी स्टेडियम चित्तौड़गढ़ और निम्बाहेड़ा कदमाली के बीच हुआ, जिसमें इंदिरा गांधी स्टेडियम की टीम ने जीत दर्ज की। तीसरे स्थान के लिए निम्बाहेड़ा कदमाली और गंगरार डेट के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें निम्बाहेड़ा कदमाली ने जीत हासिल की।
समापन अवसर पर विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पंच गौरव कार्यक्रम के तहत शैक्षणिक भ्रमण के लिए चयनित 50 सदस्यीय दल को बीडीओ समुन्द्र सिंह एवं भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव त्यागी ने अजमेर के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
जिला खेल अधिकारी रामरतन गुर्जर ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य जिले में कबड्डी खेल को बढ़ावा देना तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे आने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों को अपने कौशल का प्रदर्शन करने का मंच मिलता है और भविष्य में राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए मजबूत आधार तैयार होता है।
प्रतियोगिता के सफल आयोजन में मुख्य निर्णायक कुलदीप चौधरी, ऊकार लाल, हरिश शर्मा, राजेन्द्र कुमार गालव, हरलाल जाट, नानालाल सहित कई शारीरिक शिक्षकों एवं खेल कार्यालय के प्रशिक्षकों का सहयोग रहा।
