स्वामी विवेकानंद स्कूल में सीटों में संख्या बढ़ाने को लेकर विधायक कृपलानी ने लिखा पत्र
निम्बाहेड़ा। स्वामी विवेकानन्द राजकीय मॉडल स्कूल प्राथमिक विंग, निम्बाहेड़ा में प्राथमिक कक्षाओं में सीटें बढ़ाने व कक्षा एक में नया सेक्शन खोलने के संबंध में पूर्व स्वायत्त शासन मंत्री एवं विधायक चंद कृपलानी ने राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को पत्र लिखकर आग्रह किया है।
विधायक कृपलानी ने पत्र के माध्यम से मंत्री दिलावर को अवगत करवाते हुए बताया कि विधानसभा निम्बाहेड़ा में स्थित स्वामी विवेकानन्द राजकीय मॉडल स्कूल, निम्बाहेडा में गत वर्ष से प्राथमिक विंग प्रारम्भ की गयी थी, जिसके अन्तर्गत विद्यालय द्वारा कक्षा 1 से 5 तक की कक्षाओं में निर्धारित सीटों के अनुसार 40-40 विद्यार्थियों को नियमानुसार प्रवेश दिये थे।
विद्यालय प्रशासन द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष स्कूल में सत्र 2025-26 के लिए कक्षा 1 से 8 व 9 वीं में प्रवेश प्रारम्भ हो गए, जिनके आवेदन भी जमा कर लिए गए। लेकिन स्कूल शिक्षा परिषद जयपुर के निर्देशानुसार जारी प्रवेश नीति के अनुसार प्रवेश के लिए निम्बाहेड़ा के ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को प्राथमिकता देने के पश्चात शेष रिक्त सीटों पर ही शहरी परिक्षेत्र के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। कृपलानी ने बताया कि विद्यालय में प्राप्त कुल 892 आवेदन पत्रों में से 500 ग्रामीण क्षेत्र के हैं तथा पहली व छठी में ही 40-40 सीट है बाकी शेष कक्षाओं में नवी को छोड़ कर ना के बराबर सीट है। उन्होने बताया कि विद्यालय में पहली कक्षा में 18 छात्रों तथा 22 छात्राओं को 40 सीट पर प्रवेश देने के लिए 121 आवेदन ग्रामीण क्षेत्र से प्राप्त हुए हैं, ऐसे में शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों के प्रवेश की संभावना क्षीण है।
विधायक कृपलानी ने पत्र के माध्यम से अवगत करवाया कि शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार विद्यालय द्वारा प्रति कक्षा 40-40 विद्यार्थियों को ही प्रवेश दिये जा रहे है। इस कारण प्राप्त आवेदनों में से 318 छात्र-छात्राएं प्रवेश से वंचित रहेंगे, जिससे प्रवेश से वंचित रहे इन सभी विद्यार्थियों व अभिभावकों में रोष व्याप्त है।
इस सम्बंध में विधायक कृपलानी ने मंत्री दिलावर से आग्रह करते हुए कक्षा 1 से 5 तक की कक्षाओं में 20-20 सीटों की वृद्धि करने के साथ ही कक्षा 1 में नया सेक्शन खोलने की स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के प्रवेश से वंचित विद्यार्थियों को भी विद्यालय में प्रवेश मिल सकें। उन्होने बताया कि यदि विद्यालय में नये सेक्शन खोले जाते हैं तो व्रिालय परिसर में कक्षा-कक्ष भी उपलब्ध है।
