सांसद सीपी जोशी ने केन्द्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन को 2028 तक बढ़ाने के निर्णय का किया स्वागत

By :  vijay
Update: 2026-04-05 17:37 GMT

चित्तौड़गढ़,।भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं चित्तौडगढ़ सांसद सीपी जोशी ने केन्द्रीय मंत्रिमंडल द्वारा जल जीवन मिशन की अवधि को दिसंबर 2028 तक बढ़ाए जाने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने इसे ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की दिशा में केंद्र सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

सांसद जोशी ने कहा कि जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के तहत राजस्थान और मध्य प्रदेश के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की अवधि 2026 से बढ़ाकर दिसंबर 2028 तक कर दी है, जिससे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को और मजबूती के साथ पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया।

सांसद सीपी जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को नल के माध्यम से शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं और बालिकाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है, क्योंकि अब उन्हें पानी के लिए दूर-दूर तक नहीं जाना पड़ेगा।

सांसद सीपी जोशी ने कहा कि दुर्भाग्य से राजस्थान में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जल जीवन मिशन के कार्यों में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के कारण कई परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं, जिससे प्रदेश की जनता को तय समय में पानी की सुविधा नहीं मिल पाई। इसी कारण केंद्र सरकार ने इस महत्वपूर्ण योजना की अवधि बढ़ाकर वर्ष 2028 तक कर दी है, ताकि अधूरे कार्यों को पूरा कर हर घर तक पेयजल पहुंचाया जा सके।

सांसद सीपी जोशी ने कहा कि चित्तौड़गढ़ लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ और उदयपुर जिलों में जल जीवन मिशन के तहत अब तक जो भी पेयजल परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं, पूर्ण हुई हैं अथवा वर्तमान में प्रगतिरत हैं, वे सभी क्षेत्र की पेयजल आवश्यकताओं को देखते हुए सांसद के रूप में उनके लगातार प्रयासों और केंद्र सरकार से किए गए आग्रह का परिणाम हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में पीएचईडी विभाग के माध्यम से कई महत्वपूर्ण पेयजल योजनाएं क्रियान्वित की गई हैं तथा अनेक नई परियोजनाएं भी स्वीकृत करवाई गई हैं, जिनका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों परिवारों को मिल रहा है।

सांसद सीपी जोशी ने कहा कि उनका लगातार प्रयास रहा है कि चित्तौड़गढ़ लोकसभा क्षेत्र के किसी भी गांव में पेयजल की समस्या न रहे। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार के समक्ष लगातार क्षेत्र की पेयजल समस्याओं को उठाकर योजनाओं की स्वीकृति दिलाई है और वर्तमान में भी कई परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है।

गौरतलब है कि सांसद सीपी जोशी के प्रयासों से लोकसभा क्षेत्र चित्तौडगढ़ के जिला चित्तौडगढ़, प्रतापगढ़ एवं उदयपुर में केन्द्र सरकार के वित्त पोषित जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत अनेक कार्य स्वीकृत हुए है जिनमें से कई कार्य पूर्ण हो चुके है और कुछ प्रगतिरत है।

जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत प्रमुख बड़ी योजनाओं में चित्तौडगढ़ के 648 ग्रामों की चम्बल बांध आधारित वृहत पेयजल परियोजना में पंचायत समिति बेगूं के 137, भैंसरोडगढ के 83, गंगरार के 108, चित्तौडगढ 207, निम्बाहेडा के 58 एवं भदेसर 45 ग्रामों के लिए 2249.89 करोड़ रूपये के कार्य स्वीकृत हुए है जो तीन पैकेज में पूर्ण होंगे। इसमें पैकेज प्रथम और पैकेज 2अ प्रगतिरत है तथा पैकेज 2ब स्वीकृत हो चुका है।

चितौडगढ जिले की पंचायत समिति भैंसरोडगढ के 38 गांवो की पेयजल परियोजना में 56.50 करोड़ रूपये के कार्य प्रगतिरत है।

जिला प्रतापगढ़, चित्तौडगढ़, राजसमंद और उदयपुर के 1473 ग्रामों की जाखम बांध आधारित वृहत पेयजल परियोजना में पंचायत समिति कपासन के 107, भूपालसागर के 81, राशमी के 85, निम्बाहेडा के 81, बडी सादडी के 133, डूंगला के 102, भदेसर के 118, छोटी सादडी के 93, भीण्डर के 179, वल्लभनगर के 76 एवं मावली के 116 ग्रामों के लिए 3529.90 करोड़ रूपये के कार्य स्वीकृत हुए है। इस परियोजना के कार्य दो पैकेज में पूर्ण होंगे।

जिला प्रतापगढ़ केे 524 ग्रामो की जाखम बांध आधारित वृहत पेयजल परियोजना में पंचायत समिति प्रतापगढ़ के 136, सुहागपुरा के 96, अरनोद के 83, दलोट के 103 एवं धमोतर के 106 ग्रामों के लिए 1062.78 करोड़ रूपये के कार्य स्वीकृत हुए है।

सोम कमला आम्बा बांध से उदयपुर एवं सलुम्बर जिले के झल्लारा, लसाडिया, सलुम्बर, सेमारी एवं कुराबड पंचायत समिति के 367 गांवो की वृहत पेयजल परियोजना के अंतर्गत कुराबड़ के 50 ग्राम सम्मिलित है। इस परियोजना के लिए 675.68 करोड़ रूपये स्वीकृत हुए है एवं कार्य प्रगतिरत है।

इसी प्रकार सांसद सीपी जोशी के प्रयासों से अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत भी संसदीय क्षेत्र में लगभग 108 करोड़ रूपये के पेयजल विकास कार्यों की स्वीकृति मिली है। कुल राशि में से फतहनगर में 10 करोड़, चित्तौडगढ़ में 45 करोड़, बड़ी सादड़ी में 6 करोड़, रावतभाटा में 11 करोड़, बेंगू में 5.50 करोड़, प्रतापगढ़ में 15 करोड़, छोटी सादड़ी में 6 करोड़, कानोड़ में 5.32 करोड़ और निम्बाहेड़ा में 3.84 करोड़ रूपये खर्च किए जाऐंगे।

इसके अलावा ओरई बांध परियोजना के अंतर्गत 62 गांवों के लिए क्षेत्रीय जल आपूर्ति योजना में बेगूं की 9 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इस परियोजना के लिए 49.07 करोड़ रूपये स्वीकृत हुए है।

सांसद सीपी जोशी ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों तथा उनके निरंतर प्रयासों से चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ और उदयपुर जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर तक नल से स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित समय सीमा से पूर्व ही पूर्ण होगा।

Similar News