अनुशासन व जीवन जीने की कला है स्काउटिंग - मंडलीया

Update: 2026-04-02 10:55 GMT

चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड जिला मुख्यालय चित्तौड़गढ़ के तत्वाधान में बी.पी. पार्क, किला रोड पर आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों का समापन हर्षोल्लास के साथ हुआ। 25 से 29 मार्च 2026 तक आयोजित राष्ट्रपति एवं राज्यपाल अवार्ड स्काउट/गाइड व रोवर/रेंजर प्रशिक्षण शिविर तथा 25 से 31 मार्च तक आयोजित स्काउट व कब यूनिट लीडर बेसिक कोर्स का समापन सर्वधर्म प्रार्थना सभा और ध्वजावतरण के साथ किया गया।

सी.ओ. (स्काउट) चन्द्र शंकर श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि राज्य मुख्यालय जयपुर के निर्देशानुसार स्काउट-गाइड और रोवर-रेंजर की योग्यता वृद्धि हेतु जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसके साथ ही विद्यालयों में स्काउट गतिविधियों के कुशल संचालन के लिए प्रभारियों हेतु बेसिक कोर्स कराया गया। इस शिविर में कुल 150 स्काउट-गाइड, रोवर-रेंजर और 27 अध्यापकों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी दक्षता को निखारा।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्काउट आंदोलन के इतिहास, बी.पी. की जीवनी, नियम, प्रतिज्ञा, प्राथमिक उपचार, गांठें व बंधन, शिविर कला, मानचित्र ज्ञान और अनुशासन का पाठ पढ़ाया गया। वक्ताओं ने कहा कि स्काउटिंग के माध्यम से बालक-बालिकाओं में समय की पाबंदी, स्वावलंबन, सेवा, भाईचारा, नेतृत्व और देशप्रेम जैसे गुणों का विकास होता है, जो उनके शारीरिक, मानसिक और चारित्रिक निर्माण में सहायक है।

इस अवसर पर शिविर संचालक इन्द्र लाल आमेटा (स्काउट मास्टर), ललित बरंडा (कब मास्टर), चतर सिंह, सत्य नारायण सोमानी, अखिलेश श्रीवास्तव, सत्यनारायण शर्मा, प्रेम प्रकाश मीणा और सीनियर रोवर मेट पवन माली सहित कई गणमान्य जन उपस्थित रहे।

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