चित्तौड़गढ़, । जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक गुरुवार को जिला कलक्टर एवं समिति अध्यक्ष आलोक रंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विशिष्ट अतिथि के रूप में अनिल पालीवाल (आईपीएस), महानिदेशक – यातायात, प्रशिक्षण एवं सड़क सुरक्षा उपस्थित रहे।
बैठक में पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिले में सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। इसमें ई-DAR एवं सी-DAR प्रणाली के माध्यम से दुर्घटनाओं की प्रविष्टि, डेटा विश्लेषण, वर्ष 2001 से 2025 तक सड़क दुर्घटनाओं का वर्षवार विवरण, दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण, समय एवं संवेदनशील स्थलों का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया। साथ ही जिले के 27 उच्च दुर्घटना संभावित स्थलों एवं ब्लैक स्पॉट्स की वर्तमान स्थिति, सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत की गई गतिविधियों, प्रवर्तन कार्यवाहियों तथा जिला सड़क सुरक्षा कार्ययोजना की जानकारी भी दी गई।
विशिष्ट अतिथि अनिल पालीवाल ने जिले को औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए सड़क सुरक्षा के लिए एकीकृत संस्थागत तंत्र (One Institute Mechanism) विकसित करने के सुझाव दिए। उन्होंने उद्योगों एवं परिवहनकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया। साथ ही NHAI, राष्ट्रीय राजमार्ग, सार्वजनिक निर्माण विभाग एवं RSRDC को अनधिकृत कट बंद करने, पीडीपीपी अधिनियम के अंतर्गत सख्त कार्रवाई करने तथा फ्लाईओवर, क्रॉसिंग प्वाइंट एवं पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित वॉक-वे विकसित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने टोल एजेंसियों को जेसीबी, क्रेन, एम्बुलेंस एवं अग्निशमन वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
विभागों को दिए गए प्रमुख निर्देश
परिवहन विभाग को बसों की रैंडम जांच, इमरजेंसी एग्जिट, अग्निशमन यंत्र, एसी बसों की वायरिंग तथा सुरक्षा मानकों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए।
चिकित्सा विभाग को एम्बुलेंस की प्रभावी तैनाती, ट्रॉमा सेंटर मैपिंग, 24×7 सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार सुविधा सुनिश्चित करने तथा वाहन चालकों के लिए नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस विभाग को परिवहन विभाग के समन्वय से ओवरस्पीडिंग एवं शराब सेवन कर वाहन चलाने पर सख्त कार्रवाई करने, टोल नाकों पर रैंडम चेकिंग, बसों में ज्वलनशील पदार्थों की जांच तथा खतरनाक सामग्री के परिवहन पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही टोल प्लाजा पर ऊंचे निगरानी मंच स्थापित कर सघन जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
जिला कलक्टर के निर्देश
जिला कलक्टर आलोक रंजन ने जिला परिवहन अधिकारी को परिवहनकर्ता एवं उद्योग प्रतिनिधियों की बैठक शीघ्र आयोजित करने तथा टोल एजेंसियों (NHAI, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं RSRDC) को अग्निशमन वाहन, एम्बुलेंस एवं क्रेन की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने ट्रांसवर्स बार मार्किंग, रोड मार्किंग, गति नियंत्रण उपायों, पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग तथा फुट ओवर ब्रिज (FOB) निर्माण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
अंत में जिला कलक्टर द्वारा सभी संबंधित विभागों को महानिदेशक यातायात, प्रशिक्षण एवं सड़क सुरक्षा अनिल पालीवाल द्वारा दिए गए सुझावों की अनुपालना रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह सहित NHAI, राष्ट्रीय राजमार्ग, RSRDC, AVVNL, चिकित्सा विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
