निंबाहेड़ा। निंबाहेड़ा विधानसभा क्षेत्र सहित चित्तौड़गढ़ एवं प्रतापगढ़ जिलों के विभिन्न हिस्सों में हाल ही में हुई अतिवृष्टि एवं ओलावृष्टि से किसानों की फसलें व्यापक रूप से प्रभावित हुई हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर पूर्व यूडीएच मंत्री एवं निंबाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने गुरुवार को राजस्थान विधानसभा में पर्ची के माध्यम से सदन का ध्यान आकर्षित किया।
विधायक कृपलानी ने अध्यक्ष महोदय के माध्यम से राज्य सरकार से आग्रह किया कि प्रभावित क्षेत्रों में खराब एवं नष्ट हुई फसलों की शीघ्र गिरदावरी करवाई जाए, ताकि वास्तविक नुकसान का सही आकलन हो सके और किसानों को समय पर राहत प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण रबी फसलों के साथ-साथ अफीम की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं।
विशेष रूप से निंबाहेड़ा विधानसभा क्षेत्र के कनेरा घाटा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए विधायक कृपलानी ने बताया कि वहां अतिवृष्टि एवं ओलावृष्टि के कारण अफीम की फसल पूरी तरह से प्रभावित हुई है। उन्होंने सरकार से यह भी आग्रह किया कि इस संबंध में समय रहते केंद्रीय नारकोटिक्स विभाग को आवश्यक जानकारी प्रेषित की जाए, ताकि अफीम काश्तकारों को नियमानुसार राहत एवं लाभ मिल सके।
विधायक कृपलानी ने कहा कि ऐसी आपदाओं में त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रभावित किसानों को आपदा राहत योजनाओं के तहत शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की। इसके साथ ही विधायक कृपलानी ने पूर्व में फसल खराबे को लेकर विधानसभा क्षेत्र के प्रभावित किसानों को मुआवजा मिलने पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए किसानों के पुराने मुआवजे को दिलाने का भी आग्रह किया।
इस अवसर पर विधायक कृपलानी ने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि वे किसानों के हितों की रक्षा के लिए सदन से लेकर प्रशासनिक स्तर तक लगातार आवाज उठाते रहेंगे।
