मतभेद

जयपुर। पिछले साल की तरह इस साल भी दीपावली पर्व की तारीख को लेकर सरकारी कैलेंडर और हिंदू पंचांगों में मतभेद की स्थिति बन गई है। राजस्थान सरकार के 2025 के सरकारी कैलेंडर के अनुसार दीपावली का अवकाश सोमवार, 20 अक्टूबर को होगा, जबकि कई प्रमुख हिंदू पंचांगों में यह तिथि मंगलवार, 21 अक्टूबर बताई गई है।
राज्य सरकार के कैलेंडर में 20 अक्टूबर को दीपावली, 22 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा और 23 अक्टूबर को भाई दूज का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। इस हिसाब से 21 अक्टूबर को सरकारी दफ्तर खुले रहेंगे। दूसरी ओर, ज्योतिषीय गणना करने वाले कई पंचांगकारों का मानना है कि इस साल अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर दोपहर 3:46 बजे से शुरू होकर 21 अक्टूबर शाम 5:56 बजे तक रहेगी। नियम के अनुसार, दीपावली उस दिन मनाई जाती है जब प्रदोष काल में अमावस्या हो, और यह स्थिति 21 अक्टूबर को बन रही है।
पंचांगों के मुताबिक इस साल का त्योहार क्रम इस तरह रहेगा— 18 अक्टूबर को धनतेरस, 20 अक्टूबर को नरक चतुर्दशी, 21 अक्टूबर को दीपावली, 22 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा और 23 अक्टूबर को भाई दूज।
पिछले साल भी इसी तरह का विवाद हुआ था। 2024 में अमावस्या 31 अक्टूबर दोपहर 3:53 बजे से शुरू होकर 1 नवंबर शाम 6:17 बजे तक रही थी। प्रदोष काल 1 नवंबर को होने के कारण कई पंचांगों ने उस दिन दीपावली बताई, जबकि केंद्र और राज्य सरकार के कैलेंडर में 31 अक्टूबर को छुट्टी घोषित थी। विवाद के बीच राजस्थान सरकार ने बीच का रास्ता अपनाते हुए 1 नवंबर को भी अवकाश दे दिया था।
इस बार भी अगर सरकार पिछले साल की तरह समझौता करते हुए 21 अक्टूबर को अवकाश घोषित कर देती है, तो राज्य कर्मचारियों को लंबी छुट्टियों का सुनहरा मौका मिल जाएगा। 18 अक्टूबर शनिवार और 19 अक्टूबर रविवार होने से दो दिन का वीकेंड अवकाश रहेगा। इसके बाद 20 अक्टूबर (सरकारी कैलेंडर अनुसार दीपावली), 21 अक्टूबर (पंचांग अनुसार दीपावली, अगर घोषित हुई), 22 अक्टूबर (गोवर्धन पूजा) और 23 अक्टूबर (भाई दूज) तक लगातार छुट्टियां होंगी।
यानी 18 से 23 अक्टूबर तक कुल 6 दिन का अवकाश मिलेगा। अगर कोई कर्मचारी 24 अक्टूबर शुक्रवार को भी छुट्टी ले लेता है, तो उसके पास 18 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक कुल 9 दिन लगातार छुट्टियां होंगी, क्योंकि 25 अक्टूबर शनिवार और 26 अक्टूबर रविवार फिर साप्ताहिक अवकाश हैं।
ऐसे में, यह विवाद न केवल धार्मिक मान्यताओं और सरकारी गणना के अंतर को दर्शा रहा है, बल्कि कर्मचारियों के लिए यह एक संभावित “छुट्टी बम्पर” भी साबित हो सकता है। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि सरकार इस बार क्या निर्णय लेती है — कैलेंडर की तारीख पर अडिग रहती है या पंचांग की तिथि को मानकर अतिरिक्त अवकाश देती है।


