डेढ़ साल के कार्यकाल में प्रदेश सरकार ने किए ऐतिहासिक कार्य - प्रभारी मंत्री मीणा

Update: 2025-07-26 19:22 GMT

उदयपुर,। प्रदेश के राजस्व एवं उपनिवेशन मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री हेमन्त मीणा ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने डेढ़ साल के अल्प काल में ऐतिहासिक कार्य किए हैं। पूर्ववर्ती सरकार जो 5 साल में नहीं कर पाई वह हमने डेढ़ साल में करके दिखाया है। राज्य सरकार संवेदनशील मुद्दों पर भी पूर्ण गंभीर है। झालावाड़ में हुए दर्दनाक हादसे को लेकर सरकार ने ठोस निर्णय लिए हैं।

प्रभारी मंत्री श्री मीणा शनिवार को जिला परिषद सभागार में पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डेढ़ साल में बिजली उत्पादन क्षमता में 4270 मेगावाट की वृद्धि हुई है, जबकि पिछली सरकार के पूरे कार्यकाल में 3948 मेगा वाट की बढ़ोतरी हुई थी। नवीकरणीय उर्जा परियोजनाओं के लिए हमारी सरकार ने अब तक 23.05 हैक्टेयर भूमि आवंटित की है, जबकि पिछली बार पूरे 5 साल में 5.75 हैक्टेयर आवंटन हुआ था। श्री मीणा ने बताया कि उदयपुर जिले में कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना में सरकार ने अब तक 728 बालिकाओं को लाभान्वित किया, जबकि पिछली सरकार ने अपने प्रारंभिक डेढ़ साल में मात्र 73 स्कूटी बांटी थी। स्वामित्व योजना में उदयपुर जिले में अब तक 14176 लोगों को पट्टे जारी किए जा चुके हैं। जिले में डेढ साल में 579सोलर पंप सेट की स्थापना की गई है, जबकि पिछली सरकार के डेढ़ साल के कार्यकाल में मात्र 210 पंप सेट स्थापित हुए थे। प्रभारी मंत्री ने बताया कि सड़क निर्माण में अब तक 245 करोड़ रूपए से अधिक की राशि व्यय की जा चुकी है, जबकि पिछली बार 164 करोड़ व्यय हुए थे। जिले में राजीविका केस्वयं सहायता समूहों के 265 करोड़ रूपए का ऋण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सशक्त पहल की गई है, पिछली बार डेढ़ साल में मात्र 146 करोड़ की ऋण सुविधा मिल पाई थी। श्री मीणा ने कहा कि इसके अलावा लगभग सभी क्षेत्रों में सरकार ने सर्वांगीण विकास की सोच रखते हुए कार्य किए। अब तक लाखों युवाओं को सरकारी नौकरियां मिल चुकी हैं तथा कई भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं।

हादसे की पुनरावृत्ति रोकने किए जा रहे हर संभव प्रयास

झालावाड़ के स्कूल में हुए दर्दनाक हादसे पर प्रभारी मंत्री श्री मीणा ने संवेदनाएं व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इस पूरे मामले की स्वयं मोनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने पूरे प्रदेश में जीर्ण-क्षीर्ण, मरम्मत योग्य राजकीय संस्थानों, विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी भवनों के मरम्मत संबंधी कार्य प्राथमिकता से करवाने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में उन्होंने डांग, मगरा, मेवात क्षेत्रीय विकास योजना के तहत इन संस्थानों और भवनों की मरम्मत हेतु अनुमत राशि को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का निर्णय किया है। इसी प्रकार अब विधायक भी स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत किसी भी योजना से निर्मित राजकीय संस्थानों, विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी भवनों के मरम्मत संबंधी कार्यों के लिए अपने वार्षिक आवंटन की 20 प्रतिशत राशि की अनुशंसा कर सकेंगे। पहले एमएलए-लेड में निर्मित भवनों की मरम्मत का कार्य ही इस कोष से करवाया जा सकता था। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सभी विधायकों से पुराने और जर्जर सरकारी स्कूलों के भवनों की मरम्मत एवं रखरखाव के लिए प्राथमिकता से राशि की अनुशंसा करने का आग्रह किया है। इससे राजकीय संस्थानों, विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्र के भवनों का सुदृढ़ीकरण हो सकेगा तथा भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सकेगा। राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में बिना भवन के और जर्जर विद्यालयों के नवीन भवनों के निर्माण और मरम्मत के लिए 375 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को भी 3 करोड़ रुपये मरम्मत कार्यों के लिए दिए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत सरकारी स्कूलों, राजकीय संस्थानों और आंगनबाड़़ी भवनों के मरम्मत कार्य करवाए जा सकेंगे।इसके अतिरिक्त सरकार ने प्रदेश व जिला स्तर पर समितियां गठित की है, जो प्रति वर्ष 15 जून से पूर्व यह सुनिश्चित करेंगी कि कोई भवन जर्जरहाल नहीं रहे और यदि है तो उसका उपयोग नहीं किया जाए। प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार इस तरह के हादसों की भविष्य में पुनरावृत्ति रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

हरी-भरी हो रही राजस्थान की धरा

प्रभारी मंत्री श्री मीणा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ओर से प्रारंभ किए गए एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत देश भर में पर्यावरण के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ी है। राजस्थान सरकार की ओर से हरियालो राजस्थान अभियान के तहत प्रदेश में 10 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य है। इसी कड़ी में हरियाली तीज के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाभियान के तहत सघन वृक्षारोपण किया जा रहा है। अभियान को लेकर उदयपुर जिले में बेहतरीन काम हो रहा है। उदयपुर जिला पौधारोपण और जियो टेगिंग में प्रदेश में पहले नंबर पर है।

वंदे गंगा जल संरक्षण के मिलेंगे दूरगामी परिणाम

प्रभारी मंत्री श्री हेमन्त मीणा ने कहा कि जल संचय और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर 5 जून से 20 जून 2025 तक आयोजित वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के दूरगामी परिणाम मिलेंगे। अभियान में उदयपुर जिले में ऐतिहासिक कार्य हुए। जिले में कुल 22910 इंवेट हुए, जिनमें कुल 19.77 लाख लोगों की सहभागिता दर्ज की गई। अभियान में साफ-सफाई के 5928, जागरूकता गतिविधियां 5027, श्रमदान के 1392, जल पूजन 1926, कार्यशालाएं 1659, पूर्ण कार्यों का शुभारंभ 781 तथा शिलान्यास 37 हुए।

अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मिला संबल

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री श्री मीणा ने कहा कि पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के अन्त्योदय उत्थान की परिकल्पना को शिरोधार्य करते हुए समाज की अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर 24 जून से 9 जुलाई तक पं दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़ा आयोजित हुआ। इसमें आयोजित शिविरों में जहां एक ओर राजस्व से जुड़े विवादों का सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान हुआ। वहीं अन्य विभागों की 63 तरह की सेवाएं भी ग्रामीणों खास कर वंचित वर्ग को सुलभ हो सकी। उदयपुर जिले में रास्तों से जुड़े 1267 प्रकरणों का निस्तारण आपसी समझाइश से किया जा चुका है। इसके अलावा बंटवारों से जुड़े 1369 प्रकरण भी सौहार्दपूर्ण माहौल में निस्तारित किए गए। नामांतरण के 7658 प्रकरणों सहित सीमाज्ञान के 3628, पत्थरगढ़ी के 224 तथा लंबित कुर्रेजात रिपोर्ट के 261 प्रकरण भी निस्तारित हुए। बजट घोषणाओं के लंबित भूमि आवंटन के 164 प्रस्ताव तैयार किए गए। इसके अलावा पंचायतीराज, ग्रामीण विकास विभाग, विद्युत निगम, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, कृषि एवं उद्यानिकी, पशुपालन, चिकित्सा, टीएडी, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, शिक्षा, वन विभाग आदि की ओर से आमजन को राहत प्रदान की गई।

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