आचार्य डॉ मुक्तिसागर श्रीजी महाराज का 2026 का चातुर्मास आयड़ तीर्थ में होगा
उदयपुर । श्री जैन श्वेताम्बर महासभा के तत्त्वावधान में तपोगच्छ की उद्गम स्थली आयड़ तीर्थ में मालव मार्तंड आचार्य डॉ मुक्तिसागर श्रीजी महाराज आदि ठाणा चार एवं साध्वीजी का वर्ष 2026 का चातुर्मास सम्पन्न होगा। आचार्य संघ ने उदयपुर के आयड़ तीर्थ में चातुर्मास करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है, जिससे जैन समाज में हर्ष और उत्साह का माहौल है।
महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि महासभा का प्रतिनिधि मंडल मध्यप्रदेश के उज्जैन से आगे स्थित अभ्योदयपुरम तीर्थ पहुंचा था, जहां आचार्य डॉ मुक्तिसागर श्रीजी महाराज आदि ठाणा चार एवं साध्वीजी से उदयपुर आयड़ तीर्थ में चातुर्मास करने का आग्रह किया गया। इस निवेदन को स्वीकार करते हुए आचार्य संघ ने वर्ष 2026 का चातुर्मास आयड़ तीर्थ में करने की सहमति दी।
नाहर ने जानकारी दी कि आचार्य संघ का चातुर्मासिक मंगल प्रवेश 26 जुलाई को होगा। सुबह आठ बजे धूलकोट मंदिर से गाजे बाजे के साथ भव्य जुलूस के रूप में आयड़ तीर्थ तक चातुर्मासिक प्रवेश किया जाएगा। चातुर्मास काल के दौरान प्रतिदिन सुबह साढ़े नौ बजे आचार्य श्री द्वारा प्रवचन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें धर्म, संयम और जीवन मूल्यों पर संदेश दिया जाएगा।
आचार्य संघ से निवेदन करने के लिए उदयपुर से महासभा का बड़ा प्रतिनिधि मंडल अभ्योदयपुरम तीर्थ पहुंचा था। इस मंडल में कुलदीप नाहर, भोपाल सिंह परमार, सतीश कच्छारा, चतर सिंह पामेचा, राजेन्द्र जवेरिया, राजेश जावरियार, कुलदीप मेहता, हेमंत सिंघवी, प्रद्योत महात्मा, रमेश सिरोया, अनिल मेहता सहित सौ से अधिक सदस्य शामिल रहे, जिन्होंने आचार्य संघ से उदयपुर में चातुर्मास करने का आग्रह किया।