मायड़ भाषा में किष्किन्धाकाण्ड एवं सुंदरकाण्ड के संगीतमय पारायण का श्रीगणेश
By : vijay
Update: 2025-09-27 12:11 GMT
उदयपुर, । नादब्रह्म संस्था के तत्वावधान में रामचरितमानस : राजस्थानी काव्य अनुवाद ग्रंथ के किष्किंधाकाण्ड एवं सुंदरकाण्ड के संगीतमय पारायण का गणेश आयड़ स्थित सोनी की बाड़ी में बाल स्वरूप महावीर हनुमानजी के मंदिर में रविवार अपराह्न तीन बजे से किया जाएगा।
रामचरितमानस : राजस्थानी काव्य अनुवाद ग्रंथ के अनुवादक, कवि, लेखक एवं नादब्रह्म संस्था के संस्थापक अध्यक्ष पुष्कर गुप्तेश्वर ने बताया कि संत गोस्वामी तुलसीदास विरचित अवधी भाषा के रामचरितमानस ग्रंथ की भांति ही इस राजस्थानी काव्य अनुवाद ग्रंथ में भी तदनुरूप समश्लोकी दोहा, सोरठा, चौपाई, हरिगीतिका आदि गेय व लयात्मक छंद हैं, जिनका मूल तर्ज़ या नई संगीतबद्ध धुनों में भी सस्वर पारायण किया जा सकता है।